भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने पर उमड़े श्रद्धा के सैलाब ने चारधाम यात्रा के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। कोरोना की वजह से दो वर्षों से कपाट खुलने के मौके पर चला आ रहा सन्नाटा भक्तों के जयकारों से टूटा गया। कपाट खुलने के पहले दिन शाम चार बजे तक 23 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम में दर्शन किए।
चारधाम यात्रा इतिहास में जुड़ा नया अध्याय: केदारनाथ में पहले दिन 23512 भक्तों ने दर्शन कर बनाया नया रिकॉर्ड, देखें तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ से आए देवेश महाजन, लुधियाना के हरेंद्र राज, नई दिल्ली के प्रदीप सिंह रात दो बजे मंदिर परिसर में पहुंच गए थे। राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु आदि राज्यों से पहुंचे यात्रियों ने बताया कि बीते दो वर्ष कोरोना के चलते वे बाबा के दर्शनों को नहीं आ पाए थे। इसलिए, इस बार पूरे परिवार के साथ आए हैं। केदारनाथ यात्रा के इतिहास में यह पहला मौका है, जब पहले ही दिन इतनी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए हैं।
दूसरी तरफ कपाट खुलने के बाद मंदिर परिसर में सेना की बैंड धुनों पर श्रद्धालु खूब थिरके। महिलाओं ने जागर व मांगल गीत गाए। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय व सीईओ बीडी सिंह का कहना है कि देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं की बाबा के प्रति असीम प्रेम व भक्ति के साक्षात दर्शन हुए हैं।
अगस्त्यमुनि ब्लॉक के दशज्यूला पट्टी की मां चंडिका देवी की दिवारा यात्रा केदारनाथ पहुंची। यहां विधि-विधान से मां भगवती ने अपने आराध्य भगवान आशुतोष के ग्याहरवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ के दर्शन किए। लगभग आधा घंटे तक हुई विशेष पूजा-अर्चना में सभी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया। दिवारा यात्रा समिति के अध्यक्ष धीर सिंह बिष्ट व सचिव देवेंद्र ने बताया कि केदारनाथ में मां चंडिका ने अखंड ज्योति व बाबा केदार के दर्शन किए। अब 8 मई को मां चंडिका श्रीबदरीनाथ धाम के दर्शन करेंगी।
केदारनाथ में मंदिर के पीछे आदिगुरु शंकराचार्य की नव निर्मित समाधिस्थल को देखने के लिए श्रद्धालुओं की काफी भीड़ जुटी रही। श्रद्धालुओं ने वहां बैठकर साधना भी की। बता दें कि जून 2013 की आपदा में समाधिस्थल बह गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ पुनर्निर्माण को ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल करने के बाद बीते वर्ष समाधि स्थल बनकर तैयार हुआ।
ये भी पढ़ें..चारधाम: आर्मी बैंड की धुन पर सैकड़ों भक्तों के साथ बदरीनाथ धाम पहुंची देव डोलियां, कल खुलेंगे कपाट