चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही सामने आई। सुबह छह बजे पंजीकरण कराने आए यात्रियों को चार घंटे तक पीने के लिए पानी नहीं मिला। करीब 10:15 बजे पानी की आपूर्ति हो सकी। कैंप में व्यवस्थाओं को देखने के लिए सुबह प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी भी मौजूद नहीं था।
Chardham Yatra 2023: व्यवस्थाओं का ऐसा हाल...सवा चार घंटे तक पानी को तरसे तीर्थयात्री, हेल्प डेस्क भी नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश के उज्जैन से यात्रियों के समूह के साथ आए राधेश्याम नागर ने बताया ट्रांजिट कैंप में यात्रियों को पीने और शौच जाने के लिए पानी नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार को यहां पर ऐसे नोडल अधिकारी की तैनाती की जानी चाहिए जो दिनरात यात्रियों की समस्या का समाधान कर सके।
ट्रांजिट कैंप के यात्री प्रतीक्षालय में कुर्सियां के आसपास चार्जिंग पॉइंट नहीं लगे हैं। शनिवार को कई यात्री मोबाइल चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट ढूंढते रहे। कुछ यात्री ऑफिस में मोबाइल लगाने तो अधिकारियों ने विरोध कर दिया। इसके अलावा, पूछताछ केंद्र न खुलने से तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान मौसम, धाम तक पैदल दूरी, बसों की बुकिंग आदि की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
ये भी पढ़ें...Joshimath Disaster: पुनर्निमाण पैकेज से पहले PDNA के लिए जोशीमठ पहुंचा केंद्रीय दल, तीन दिन के लिए जमाया डेरा
उधर, कैंप में बनी डोरमिटरी में आराम करने के लिए प्रति व्यक्ति को 200 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
अभी चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में कुछ और काम होने हैं। विभागों को काउंटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एक-दो दिन में अभाव वाली सुविधाओं की पूर्ति कर दी जाएगी। - नरेंद्र सिंह क्वीरियाल, अपर आयुक्त, गढ़वाल मंडल