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Bipin Rawat: सीमांत गांवों की बहुत फिक्र करते थे बिपिन रावत, उत्तराखंड के पलायन को रोकने की दी थी सलाह

Wed, 08 Dec 2021 11:00 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 08 Dec 2021 11:00 PM IST
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cds bipin rawat death news:Bipin Rawat used to care a lot about marginal villages, was advised to stop migration from Uttarakhand
- फोटो : ANI File Photo

देश के पहले सीडीएस बिपिन रावत उत्तराखंड के सीमांत गांवों की बहुत फिक्र करते थे। उन्हें राज्य सरकार के हुक्मरानों और नीति नियंताओं से जब-जब बात करने का अवसर मिला, उन्होंने सीमांत गांवों के विकास के लिए सुझाव दिए। उन्हीं के सुझाव पर उत्तराखंड सरकार ने सीमांत क्षेत्र विकास निधि बनाई ताकि राज्य की सरहद पर बसे गांवों में अवस्थापना विकास और आजीविका आधारित योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके।

उन्हें उत्तराखंड की बहुत चिंता रहती थी

उत्तराखंड पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कहते हैं, उन्हें उत्तराखंड की बहुत चिंता रहती थी। विशेषकर सीमांत गांवों को लेकर। वे यह जानना चाहते थे कि सीमांत गांवों का विकास कैसे हो? हमने रैबार कार्यक्रम किया तो वह पूरे समय रहे और अपने सुझावों को साझा किया। पलायन को लेकर उनके दिमाग योजना थी। उनका सुझाव था कि बागवानी के माध्यम से पलायन का रोका जा सकता है। उनके प्रयासों से चमोली और पिथौरागढ़ में अखरोट की नर्सरी लगाई गईं और स्थानीय ग्रामीणों को पौधे दिए गए।

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जनरल रावत का मानना था कि राज्य के पर्वतीय और सीमांत इलाकों में अखरोट व अन्य फलों की अगेती(अर्ली) किस्में उपलब्ध कराए जाने से स्थानीय लोगों की आमदनी में सुधार होगा और उन्हें आजीविका के लिए अपने घर बार नहीं छोड़ने पडेंगे।बकौल त्रिवेंद्र, जनरल रावत श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को और अधिक सुविधा संपन्न बनाए जाने को लेकर भी प्रयासरत थे।
 

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- फोटो : ANI File Photo

सेना के सहयोग से मेडिकल कॉलेज अस्पताल को और अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में पहल की थी। उनकी सोच थी कि अस्पताल ज्यादा सुविधाओं से युक्त होगा तो इसका लाभ स्थानीय लोगों को होगा, जिनमें बड़ी संख्या सैन्य परिवारों के लोगों की है। जनरल रावत की इच्छा थी कि वह उत्तराखंड में रहकर यहां की सेवा करें और नौजवानों के लिए कुछ योगदान दें।

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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
पूर्व मुख्यमंत्री व गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत कहते हैं, जब मैं मुख्यमंत्री था, तब  कई बार जनरल रावत से मुलाकात करने का अवसर मिला। वे अकसर कहते थे कि रिटायरमेंट के बाद उत्तराखंड में रहेंगे। उन्होंने देहरादून में घर बनाने की बात भी कही थी। 
 
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- फोटो : ANI File Photo

पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत कहते हैं कि सेना में जनरल बिपिन रावत के लिए कहा जाता है कि वे बेहद सख्त और कठोर अफसर थे। लेकिन आम जिंदगी में आमजन से जब भी वह मिलते तो वह बेहद उनसे सहज और सरल थे। बकौल तीरथ, जनरल रावत का सरल और सहज व्यवहार सबका दिल जीत लेता था। 

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- फोटो : PTI File Photo

जनरल रावत नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर राजभवन आए थे। राजभवन में आयोजित हाई टी कार्यक्रम में जनरल रावत ने स्थानीय मीडिया कर्मियों से सीमांत क्षेत्रों में अवस्थापना विकास, चीन की घुसपैठ, पलायन को लेकर अपनी राय व्यक्त की थी। उन्होंने बहुत सहजता के साथ मीडिया के सवालों के जवाब दिए थे।

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