बजट 2017-18 से होंगे ये बड़े फायदे, आएंगे अच्छे दिन
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चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव साहनी के मुताबिक सरकार ने बजट में कई ऐसी घोषणाएं की हैं, जो कि भले ही लुभावनी न हों लेकिन बजट को गहराई से समझने के बाद देखें तो यह शानदार है। पेश है बजट का विश्लेषण राजीव साहनी की जुबानी....
-कॉपरेटिव बैंक को अब एनपीए का इंटरेस्ट मिलने के बाद ही टैक्स देना होगा। मसलन, अगर आपने कॉपरेटिव बैंक से लोन लिया है और वह एनपीए की श्रेणी में आ गया है तो उस पर लगने वाले इंटरेस्ट पर बैंक ग्राहक से पैसा आए बिना भी टैक्स देते थे। लेकिन बजट के मुताबिक, अब ग्राहक से इंटरेस्ट वसूलने के बाद ही उसका टैक्स देना होगा। इससे कॉपरेटिव बैंकों को नई जान मिलेगी और वह ज्यादा लोन दे पाएंगे।
-बैंकों के एनपीए पर अभी तक 7.50 प्रतिशत प्रोविजनिंग थी जो अब बढ़ाकर 8.50 प्रतिशत हो गई है। मसलन, अगर किसी बैंक का एनपीए एक हजार करोड़ रुपये है तो उसमें पहले 75 करोड़ रुपये तक कोई टैक्स नहीं देना था। अब इसके बजाए 85 करोड़ रुपये पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। 31 प्रतिशत टैक्स लगता है तो सीधे बैंक को तीन करोड़ 10 लाख का फायदा हो गया। इससे बैंकों के पास पैसा बचेगा तो वह सस्ते और ज्यादा लोगों को लोन दे सकेंगे।
-अभी तक किसी और की जमीन पर घर बनाने के मामले में घर बनाने के साथ ही टैक्स लगना शुरू हो जाता था। आम बजट के नए प्रावधानों के हिसाब से ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट में परिवर्तन हुआ है। यानी अब घर के लिए जमीन देने वालों पर थोड़ा-थोड़ा टैक्स लगेगा। एक साथ सीधा टैक्स नहीं लगेगा।