ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार दोपहर साकनीधार के पास भूस्खलन होने से दो वाहनों पर बोल्डर गिर गए। इस दौरान वाहनों में सवार 11 लोग बाल-बाल बचे। मलबा आने के खतरे को देखते हुए छोटे वाहनों में सवार लोग पहले ही भाग निकले। हालांकि बोल्डर गिरने से दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
मलबा आने की वजह से यहां लगभग दो घंटे यातायात अवरुद्ध भी रहा। देवप्रयाग से करीब 17 किलोमीटर दूर साकनीधार के पास रविवार को ऑल वेदर रोड परियोजना का काम चलने की वजह से यहां यातायात रुक रुककर चल रहा था। इससे यहां जाम की स्थिति बनी हुई थी। दोपहर करीब यहां पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हो गया। बोल्डर गिरने पर वाहनों में सवार लोग वाहन छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भाग निकले।
देखते ही देखते एक कार और एक टैक्सी कैब बोल्डर की चपेट में आने से बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। यदि थोड़ी भी देरी होती, तो इनमें सवार लोगों की जान खतरे में पड़ जाती। चौकी प्रभारी बछेलीखाल विक्रम लाल कोहली ने बताया कि एक वाहन गोपेश्वर और दूसरा वाहन पौड़ी से देहरादून जा रहा था। गोपेश्वर से चली टैक्सी कैब में पंचायत राज विभाग के छह कर्मचारी सवार थे, जबकि कार में 5 मनरेगा कर्मी सवार थे।
दोनों वाहनों के चालक विनोद सिंह और विनोद कुमार ने बताया कि सभी लोग वाहनों के अंदर बैठकर जाम खुलने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पत्थरों की गिरने की आवाज सुनाई दी, जिस पर उन्होंने अंदर बैठे लोगों को उतरकर दूर भागने को कहा।
जैसे ही वह बाहर निकले, बड़े-बड़े पत्थर वाहनों के ऊपर गिर गए। थाना प्रभारी देवप्रयाग महिपाल सिंह रावत ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं। मलबा आने की वजह से दो घंटे यातायात भी बाधित रहा। अपराह्न लगभग तीन बजे मशीनों से मलबा हटाकर मार्ग आवागमन के लिए खोल दिया गया।