भारतीय रेलवे ने अपने पैसेंजर्स को बड़ी राहत दी है। जिसके बाद अगर आप इस सुविधा से जुड़ेंगे तो आपको डबल फायदा होगा। डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए अब केंद्र सरकार ने रेलवे के जरिये बड़े वर्ग को साधने का प्रयास किया है। इसी के तहत भीम एप की तर्ज पर रेलवे के लिए यूपीआई (यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस) नाम का एप लांच किया गया है।
आप रेलवे की सुविधाएं पाने के लिए यूपीआई एप के जरिये पेमेंट करते हैं तो पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी। यूपीआई नगदी ट्रांजक्शन की डिजिटल प्रक्रिया का हिस्सा है। यह सबसे एडवांस्ड है। इस पेमेंट सिस्टम को इस तरह से तैयार किया गया है कि आम लोग भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।
यूपीआई की सबसे बड़ा खूबी है कि इसके जरिये पैसा भेजने के लिए बैंक खाता जानना जरूरी नहीं है। अगर आपको किसी से पैसा चाहिए और आप उसे बैंक खाता नहीं बताना चाहते हैं तो यूपीआई का इस्तेमाल कीजिए। यानी यूपीआई एप के जरिये आप बिना बैंक खाता जाने भी पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं।
दरअसल ये एप बैंक खाते के अलावा वर्चुअल पेमेंट एड्रेस के जरिये भी मनी ट्रांसफर करता है।इस पूरे सिस्टम को मेंटेन करने और चलाने में एनपीसी और बैंक दोनों का खर्च आता है। माना जा रहा है कि एनपीसी को एक ट्रांजेक्शन में 40-50 पैसे का खर्च आएगा। यानी किसी भी यूजर के पर इतना ही भार आता है। फिलहाल अभी यह ट्रांजेक्शन पूरी तरह से मुफ्त है।
इसको बनाने वाली एजेंसी एनपीसी (नेशनल पेमेंट कारपोरेशन) यूपीआई प्लेटफॉर्म का लाइसेंस देती है। बैंकों को ही यूपीआई सिस्टम का इस्तेमाल करने की इजाजत मिलती है। यदि बैंक चाहें तो अपने नाम पर कुछ और लोगों को यूपीआई का इस्तेमाल करने दे सकते हैं। डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए नियमों की ढील ने कई यूपीआई एप तैयार कर दिए हैं। गूगल प्ले स्टोर में कई यूपीआई एप हैं और इनमें से किसी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।