भवाली से पांच किमी दूर बाबा नीब करोरी महाराज का स्थापना दिवस 15 जून को होगा। उस दिन ज्योलीकोट-अल्मोड़ा एनएच पर यातायात व्यवस्था डायवर्ट रहेगी। मेला परिसर में लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन यातायात व्यवस्था को डायवर्ट करेगा।
फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नीम करोरी बाबा का जिक्र किया था। जिसके बाद एकदम से यह बाबा जगह-जगह सुर्खियों में आ गए थे। इतना ही नहीं दुनिया भर की बड़ी हस्तियां इनकी भक्ति में लीन हैं। 2015 में जब प्रधानमंत्री अमेरिका में फेसबुक के ऑफिस गए थे। उस दौरान मार्क जुकरबर्ग ने भी नीम करोरी बाबा के आश्रम में जाने की बात स्वीकारी थी। दोनों बाबा के बड़े मुरीद हैं।
उत्तराखंड में नैनीताल के कैंची धाम मंदिर के अलावा विन्ध्याचल में अष्टभुजा पहाड़ी पर भी बाबा का आश्रम है। यह अपने आप में रहस्यों को समेटे हुए है। बाबा नीम करोरी महाराज के देश-दुनिया में 108 आश्रम हैं। इन आश्रमों में सबसे बड़ा कैंची धाम तथा अमेरिका के न्यू मैक्सिको सिटी स्थित टाउस आश्रम है। कैंची धाम मंदिर अधिकारियों के मुताबिक हॉलीवुड स्टार जूलिया रॉबर्ट्स, डॉक्टर रिचर्ड एल्पर्ट जो ड्रग एलएसडी के प्रभाव पर रिसर्च करते हैं और मशहूर लेखक डेनियल भी बाबा से प्रभावित होकर धाम में आ चुके हैं। एप्पल के सीईओ स्टीव जॉब्स भी बाबा के भक्तों में शामिल रहे हैं। वे भी कैंची धाम में आकर रुक चुके हैं।
सीओ आरएस नबियाल ने बताया कि 15 जून को सुबह पांच बजे से हल्द्वानी से अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जाने वाले सभी वाहन खुटानी बैंड से पदमपुरी, क्वारब होते हुए अल्मोड़ा जाएंगे। नैनीताल से अल्मोड़ा जाने वाले भारी वाहन भवाली, खुटानी होकर अल्मोड़ा की तरफ जाएंगे। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ से आने वाले भारी वाहन, यात्री वाहन, प्राइवेट वाहन क्वारब के बाद मौना-ल्वेशाल, शीतला, पदमपुरी से खुटानी होकर भीमताल हल्द्वानी निकलेंगे।
रानीखेत से आने वाले वाहन भी पदमपुरी होकर खुटानी-भीमताल पहुंचेंगे। कानवाई के जरिये खैरना तक हल्द्वानी से रानीखेत, रानीखेत से हल्द्वानी जाने वाले वाहनों को एकल मार्ग से भेजा जाएगा। नैनीताल से भवाली पहुंचने वाले दोपहिया वाहनों को मशरूम केंद्र के पास पार्क कर, शटल सेवा वन विभाग गेस्ट हाउस तक पहुंचाएगी। श्रद्धालु भवाली स्टेशन से कैची मंदिर के लिए जाएंगे।