देहरादून में जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पिछले पांच साल में राज्य सरकार अपनी सत्ता बचाने में ही लगी रही। ये पांच साल इस राज्य के इतिहास में व्यर्थ चले गए। देश की राजनीति ने करवट ली है, अब उत्तराखंड में जनता सत्ता परिवर्तन का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब गठबंधन का जूनियर पार्टनर बनकर रह गई है।
जेटली ने रावत पर चलाए 'बाण', कहा बरबाद हो गए उत्तराखंड के पांच साल
शनिवार को कैंट विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी हरबंस कपूर की प्रेमनगर चौक पर आयोजित चुनावी सभा में पहुंचे जेटली ने कहा कि प्रदेश सरकार पांच साल भ्रष्टाचार में डूबी रही। ये ऐसी सरकार थी, जो सिर्फ अपनी सेवा में लगी रही। अब इस देश की राजनीति ने करवट ली है। बहुत साल तक देश की राजनीति का प्रमुख दल रही कांग्रेस अब सिकुड़ती जा रही है। लोकसभा में उनके सिर्फ 44 सदस्य हैं। तो छह राज्यों में ही उनकी सरकार है।
इस बार उत्तराखंड व मणिपुर और आने वाले कुछ सालों में कर्नाटक और हिमाचल भी उनके हाथ से निकल जाएंगे। जेटली ने कटाक्ष करते हुए कि जिस पार्टी का नेतृत्व ऐसा हो, जिनके बयान जनता में व्यंग्य का कारण बन जाते हैं, ऐसी पार्टी का अब कोई भविष्य नहीं है।
यूपी और बिहार राज्यों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब गठबंधन का जूनियर पार्टनर बनकर रह गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय में उत्तराखंड का निर्माण हुआ। वाजपेयी द्वारा उत्तराखंड को दिए विशेष पैकेज का असर आज भी कई जगह परिलक्षित हो जाता है, लेकिन राज्य की कांग्रेस सरकार ने यहां का विकास ठप कर दिया है। उत्तराखंड में पर्यटन के लिहाज से स्विट्जरलैंड जैसी संभावनाएं हैं। यहां शिक्षा के क्षेत्र में भी बहुत संभावनाएं हैं।
जरूरत यहां एक स्थायी और ईमानदार सरकार बनाने की है। जनसभा में टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, दिल्ली के विधायक ओमप्रकाश शर्मा, विधायक एवं प्रत्याशी हरबंस कपूर, महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, दिनेश रावत, राजेश रावत आदि शामिल रहे।