खुदाई करने गए मजदूरों ने सोचा भी न था ऐसा कुछ निकल आएगा। कोटद्वार रोड क्षेत्र में पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए सड़क की खुदाई की जा रही है। इसी दौरान शिवलिंग की आकृति का पुरातात्विक अवशेष मिला। इसे देखने के लिए भीड़ जुट गई। एसडीएम परितोष वर्मा ने भी मौका मुआयना कर पुरातत्व विभाग से इसकी जांच कराने की बात कही।
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खुदाई में निकली शिवलिंगनुमा चीज
पर्वतीय सभा कोटद्वार रोड के पास जल संस्थान की बड़ी पेयजल टंकी है। इसके आसपास आजकल पेयजल लाइन की मरम्मत की जा रही है। इसके लिए शुक्रवार सुबह कुछ कर्मचारी सड़क किनारे गड्ढा खोद रहे थे। इसी बीच, श्रमिकों को शिवलिंग की आकृति का बड़ा पुरातात्विक अवशेष मिला।
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खुदाई में निकली शिवलिंगनुमा चीज
इसे देखकर खुदाई कर रहे श्रमिक चौंक गए। आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए। सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम, जल संस्थान के अधिकारियों ने भी यह पुरातात्विक अवशेष देखा। एसडीएम ने बताया कि पुरातत्व विभाग से जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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लखनपुर निवासी बुजुर्ग चंद्रशेखर भट्ट
पर्वतीय सभा लखनपुर निवासी बुजुर्ग चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि 1975 में जलसंस्थान ने यहां टंकी बनाई थी। तब भी एक मूर्ति निकली थी। इस मूर्ति से चारों को अद्भुत कलाकृति बनी है। क्षेत्रीय लोगों ने इसे भगवान की मूर्ति मानकर उसे पर्वतीय सभा में रखा है।
हाल ही में रुड़की में भी सैकड़ों वर्ष पुराने मकान की खुदाई के समय एक सुरंगनुमा जगह दिखाई दी है। नगर के रामलीला मैदान के पास बहुत पुराने एक भवन को तोड़ा गया जिसके नीचे से सुरंग का मुहाना निकला है बताया जाता है कि यह पुराने समय में इस फिल्म के जरिए मंगलोर को लंढौरा से जोड़ा गया था। यह मामला रुड़की के लंढौर क्षेत्र का है। इस मकान का इतिहास काफी पुराना है। लंढौरा रियासत से भी इसका संबंध है।