ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर करीब दर्जनभर डेंजर जोन है। राजमार्ग पर तीव्र ढलान, तीखे मोड़ और संकरे स्थानों में तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाना भारी पड़ता है।
अकेले कौड़ियाला से मूल्यागांव के बीच जनवरी से अब तक 17 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 6 की मौत हो चुकी है और 29 घायल हुए हैं।
कौड़ियाला, तोताघाटी, सौड़पानी, बछेलीखाल, शिवमूर्ति के समीप, चिंड़गाधार, पाली पुलिया, सकनीधार और मूल्यागांव के समीप कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। तोताघाटी में शायद ही ऐसा कोई दिन होता होता होगा, जब वाहनों की टक्कर नहीं होती।
मूल्यागांव और सकनीधार में भूस्खलन से सड़क संवेदनशील बनी हुई है। दिक्कत यह है कि इन स्थानों में सड़क किनारे क्रश बैरियर भी नहीं लगे हुए हैं। विभिन्न संचार कंपनियों की ओर से ओएफसी बिछाने के लिए खुदाई किए जाने से सड़क की स्थिति और खराब हो गई है। खुदाई की वजह से सड़क संकरी हो गई है।
ठेकेदारों ने खुदाई के बाद खानापूर्ति करते हुए मिट्टी का आधा-अधूरा भरान किया है। इससे अक्सर बाइक सवार गिर रहे हैं। थानाध्यक्ष देवप्रयाग विनोद राणा का कहना है कि संवेदनशील स्थानों की सूची लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड को दी गई है। ओएफसी बिछाने से वाहनों के आवागमन में दिक्कत हो रही है।