टी20 क्रिकेट हमेशा से तेज और रोमांचक रहा है, लेकिन टी20 विश्वकप 2026 ने इस फॉर्मेट को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया। इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजों का दबदबा साफ दिखाई दिया। छक्कों की झड़ी, बड़े-बड़े स्कोर और रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने इसे टी20 इतिहास के सबसे यादगार टूर्नामेंटों में शामिल कर दिया।
इस विश्व कप में कई ऐसे आंकड़े सामने आए जो बताते हैं कि आधुनिक टी20 क्रिकेट कितनी तेजी से बदल रहा है। बल्लेबाजों की आक्रामकता, बड़े स्कोर और लगातार टूटते रिकॉर्ड इस बात का संकेत हैं कि अब टी20 क्रिकेट पहले से कहीं ज्यादा विस्फोटक हो चुका है। आइए जानते हैं इस टूर्नामेंट के सबसे बड़े 21 रिकॉर्ड।
पहला रिकॉर्ड: छक्कों की रिकॉर्ड बारिश
टी20 विश्वकप 2026 में कुल 780 छक्के लगे, जो किसी भी टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 2024 के टूर्नामेंट में कुल 517 छक्के लगे थे। यानी इस बार छक्कों की संख्या में लगभग 50.87 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी देखने को मिली। इससे साफ संकेत मिलता है कि बल्लेबाज अब पहले से ज्यादा आक्रामक अंदाज में खेल रहे हैं।
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साहिबजादा फरहान
- फोटो : IANS
दूसरा रिकॉर्ड: हर 15 गेंद पर एक छक्का
इस संस्करण में औसतन हर 15.52 गेंद पर एक छक्का देखने को मिला, जो टी20 विश्व कप इतिहास का सबसे बेहतर अनुपात है। भारत में खेले गए मैचों में कुल 600 छक्के लगे, जबकि श्रीलंका में खेले गए मुकाबलों में 180 छक्के देखने को मिले।

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प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड के साथ सैमसन और उनकी पत्नी
- फोटो : Sanju Samson (instagram)
तीसरा रिकॉर्ड: संजू सैमसन का अनोखा कारनामा
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने इस टूर्नामेंट में एक बेहद खास उपलब्धि हासिल की। वह चार मैच नहीं खेलने के बावजूद ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुने गए। सैमसन ने भारत के आखिरी सुपर-8 मुकाबले, सेमीफाइनल और फाइनल में 80 से ज्यादा रन की तीन शानदार पारियां खेलकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। आईसीसी टूर्नामेंट के इतिहास में पहले भी कुछ खिलाड़ियों ने सभी मैच खेले बिना यह पुरस्कार जीता है, लेकिन उन्होंने अधिकतम एक मैच ही मिस किया था। इस लिहाज से सैमसन का यह कारनामा बेहद खास माना जा रहा है।
चौथा रिकॉर्ड: टीमों ने बनाए विशाल स्कोर
टी20 विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा टीम स्कोर अभी भी 2007 में श्रीलंका द्वारा केन्या के खिलाफ बनाया गया 260/6 ही है। हालांकि 2026 के संस्करण में कई टीमें इस रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गईं। दरअसल टी20 विश्व कप इतिहास के सात सबसे बड़े स्कोरों में से छह इसी संस्करण में बने। इतना ही नहीं, चार बार टीमें श्रीलंका के उस रिकॉर्ड से महज दस रन के अंदर पहुंच गईं, जिनमें से तीन बार भारत की टीम शामिल रही।