कप्तान विराट कोहली की अगुआई में टीम इंडिया के लिए साल 2018 काफी बेहतर रहा। अगर वन-डे की बात करें तो 'विराट सेना' ने इस बरस कुल 20 एकदिवसीय मैच खेले, जिसमें टीम इंडिया को 14 मैचों में जीत मिली। वहीं, दूसरी तरफ यदि टेस्ट की बात करें तो भारतीय टीम टेस्ट रैंकिंग में भले ही नंबर एक पायदान पर हो, लेकिन विदेशी सरजमीं पर भारत का प्रदर्शन इस साल कुछ खास नहीं रहा।
YEAR ENDER 2018: विदेश जाते ही फुस्स हो जाती है टीम इंडिया, ऐसा रहा साल 2018 में प्रदर्शन
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बता दें कि टीम इंडिया ने साल 2018 में कुल 13 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें भारत ने 6 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं, यदि विदेशी सरजमीं की बात करें तो टीम इंडिया ने इस साल केवल 3 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले दो टेस्ट अभी बाकी हैं। टीम इंडिया ने जोहानसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ, नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ और एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दर्ज की है।
भारतीय टीम को साल 2018 में विदेशी धरती पर छह बार लक्ष्य का पीछा करना पड़ा और हर बार उसे हार का सामना करना पड़ा। टीम इंडिया का इस साल विदेशी सरजमीं पर हार का सिलसिला केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू हुआ था जब 208 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की पारी 135 रनों पर सिमट गई थी। इसके बाद सेंचुरियन टेस्ट में 287 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मेहमानों की दूसरी पारी मात्र 151 रनों पर ढेर हुई थी। इस मैच में टीम इंडिया को 72 रनों से हार झेलनी।
लक्ष्य हासिल नहीं कर पाने का टीम इंडिया का यह सिलसिला इंग्लैंड में भी जारी रहा और वहां उसे तीन टेस्ट मैचों में इस तरह हार झेलनी पड़ी थी। बर्मिंघम में लो-स्कोरिंग मैच में 194 रनों का टारगेट भी भारत हासिल नहीं कर पाया था क्योंकि इंग्लिश गेंदबाजों ने उसकी दूसरी पारी को 162 रनों पर समेट दिया था। इस मुकाबल में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 31 रन से हराया था।
साउथम्पटन में भी टीम इंडिया को 60 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। ओवल में तो रिकॉर्ड 464 रनों के लक्ष्य को हासिल कर पाना टीम इंडिया के लिए मुश्किल भरा था और उसे 118 रनों से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी।