वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम इंडिया जब मैदान पर उतरेगी, तो उसे अपनी कमजोरियों को मजबूती में बदलकर उतरना होगा, नहीं तो कैरेबियन टीम कभी भी उलटफेर कर सकती है। इस विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ मैच को छोड़ दे, तो भारतीय टीम ने हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ टॉप ऑर्डर के सस्ते में पवेलियन लौटने के बाद मध्यक्रम भी ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर पड़ा।
विंडीज के खिलाफ मैच में टीम को इस पार पाना होगा, नहीं तो हमें इस वर्ल्ड पर में एक और उलटफेर देखने को मिल सकता है।
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केएल राहुल
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टूर्नामेंट नंबर 4 के लिए केएल राहुल का चयन हुआ था और वह इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे थे, लेकिन टूर्नामेंट के दूसरे ही मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में सलामी बल्लेबाज शिखर धवन चोटिल हो गए, जिसके बाद नंबर 4 के बल्लेबाज केएल राहुल को रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग कमान संभालनी पड़ी।
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विजय शंकर
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इसके बाद नंबर चार की जिम्मेदारी विजय शंकर के कंधों पर सौंपी गई, लेकिन उन्होंने अपनी दो पारियों में टीम को काफी निराश किया है। ऐसे में एक बार फिर से टीम के लिए नंबर चार पर बल्लेबाजी सिरदर्द बनी है। हालंकि टीम के पास विकल्प मौजूद है, पहला नाम दिनेश कार्तिक और दूसरा अगर महेंद्र सिंह धोनी को ऊपर खिलाया जाता है, तो शंकर को नंबर पांच पर बल्लेबाजी कराई जा सकती है। या फिर रिषभ पंत को भी नंबर 4 पर बल्लेबाजी कराई जा सकती है।
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एम एस धोनी
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महेंद्र सिंह धोनी ने अफगानिस्तान के खिलाफ 52 गेंदों में मात्र 28 रन बनाए थे। जब वह मैदान पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब भारत का संभावित स्कोर 250 के पार बताया जा रहा था लेकिन धोनी ने जैसे ही गियर बदला, तो वह अपना विकेट गंवा बैठे।
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एमएस धोनी स्टंपिंग
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धोनी की धीमी स्ट्राइक रेट की वजह से भारत 50 ओवर में मात्र 224 रन ही बना सका। धोनी और जाधव ने उस मैच में 3.5 के रन रेट से बल्लेबाजी की। धोनी ने बांग्लादेश के खिलाफ अभ्यास मैच में शतक लगाया था, लेकिन उन्होंने अफगानिस्तान जैसी कमजोर टीम के खिलाफ जिस रन रेट से बल्लेबाजी की है, वह टीम के लिए आगे के मैचों में बड़ी समस्या बन सकती है। धोनी को इस समस्या से पार पाना होगा।