भारतीय महिला टीम ने टी-20 विश्व कप के फाइनल में पहुंच कर इतिहास रच दिया। पहले सेमीफाइनल में भारत के सामने इंग्लैंड की मुश्किल चुनौती थी, लेकिन सिडनी में लगातार बरसते बादलों ने यह मैच होने ही नहीं दिया और बिना टॉस फेंके ही भारतीय महिलाओं को फाइनल में एंट्री मिल गई। आइए जानते हैं आखिर भारत को ही क्यों चुना गया विजेता?
Women World T20: आखिर कैसे बिना मैच खेले ही फाइनल में पहुंचा भारत, वरदान बना यह नियम
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आईसीसी के नियम के मुताबिक किसी भी टी-20 मुकाबले का परिणाम निकलने के लिए कम से कम 10-10 ओवर का खेल होना जरूरी है, लेकिन पहले सेमीफाइनल में बारिश थमी नहीं। इसकी वजह से टॉस तक नहीं हो पाया और मुकाबला रद्द हो गया। ऐसे में नियम यह कहता है कि जिस टीम के पास बेहतर नेट रन रेट और ज्यादा पॉइंट हो, वह फाइनल में पहुंच जाएगा, भारतीय महिलाओं के लिए यही नियम वरदान साबित हुआ।
दरअसल, टीम इंडिया ने सेमीफाइनल से पहले अपने चारों लीग मैच जीतकर ग्रुप ए में टॉप पोजिशन हासिल की थी, जबकि दूसरी ओर इंग्लैंड ग्रुप बी में दूसरे पायदान पर थी। मैच से पहले ही इस बात का अंदाजा लगाया जा चुका था कि अगर बारिश नहीं थमती है तो नियमों के मुताबिक भारत को विजेता घोषित कर दिया जाएगा और हुआ भी यही।
अब दूसरे सेमीफाइनल में भी बारिश का खतरा बरकरार है। यह मैच भी आज ही सिडनी के उसी मैदान पर होना है, जहां भारत बनाम इंग्लैंड का मैच रद्द हुआ, ऐसे में ग्रुप बी में टॉप पर रहने के कारण दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया पर भारी पड़ेगा और सर्वाधिक चार बार की चैंपियन कंगारू महिलाएं इंग्लैंड की ही तरह बिना खेला विश्व कप से बाहर हो जाएंगी और 8 मार्च को फाइनल में भारत-दक्षिण अफ्रीका का मुकाबला होगा।
| टीम | मैच | जीते | हारे | बेनतीजा | अंक |
| भारत | 4 | 4 | 0 | 0 | 8 |
| ऑस्ट्रेलिया | 4 | 3 | 1 | 0 | 6 |
| न्यूजीलैंड | 4 | 2 | 2 | 0 | 4 |
| श्रीलंका | 4 | 1 | 3 | 0 | 2 |
| बांग्लादेश | 4 | 0 | 4 | 0 | 0 |