आईपीएल 2020 देश से बाहर जाने के लिए तैयार है। कोरोना वायरस के चलते इसबार इस लीग का आयोजन यूएई में होगा। बीसीसीआई ने सरकार से अनुमति मांगी है। आईसीसी टी-20 विश्व कप के स्थगित हो जाने के बाद आईपीएल के आयोजन के लिए रास्ता खुला है। इस साल के अक्तूबर से नवंबर के बीच इसके आयोजन की संभावना है। इससे पहले भी दो बार आईपीएल देश से बाहर खेला जा चुका है। क्यों और कब-कब इस लीग का आयोजन विदेशों में हुआ और किस टीम ने विदेशी मैदान पर आईपीएल की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया, आइए जानते हैं।
साल 2009 में पहली बार आईपीएल भारत से निकलकर विदेशी जमीन पर पहुंचा। आईपीएल का दूसरा सीजन दक्षिण अफ्रीका में खेला गया। 2009 में देश में आम चुनाव होने थे। सुरक्षा कारणों के चलते इस लीग को विदेश में आयोजित करना पड़ा। दक्षिण अफ्रीकी जमीन पर लीग की चैंपियन डेक्कन चार्जस की टीम बनी थी। इस टूर्नामेंट का दूसरा सीजन दक्षिण अफ्रीका में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था।
साल 2014 में एक बार फिर आईपीएल विदेशी जमीन पर खेला गया। 2014 में भी आमचुनाव के चलते यूएई ने शुरुआती कुछ मुकाबलों की मेजबानी की थी, हालांकि बाद में फिर दो मई से दोबारा भारत में आईपीएल के मैच होने शुरू हो गए थे। 2014 में कोलकाता नाइटराइडर्स ने दूसरी बार चैंपियन की ट्रॉफी अपने नाम किया।
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केविन पीटरसन
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2009 के आईपीएल ऑक्शन में सबसे बड़ी बोली लगाने वाली टीम बनी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और चेन्नई सुपर किंग्स। दोनों ने इंग्लिश खिलाड़ी केविन पीटरसन और एंड्रयू फ्लिंटॉफ को करीब 7.35 करोड़ रुपये की बोली लगाकर अपनी-अपनी टीम में शामिल किया। मगर दोनों टीमों में से कोई भी विजेता नहीं बन पाईं। वहीं, आईपीएल 2014 में टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह को रॉयल चैंलेंजर्स बैंगलोर ने आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी रकम में खरीदा। आरसीबी ने 14 करोड़ रुपये की बोली लगाकर युवी को अपनी टीम में शामिल किया था।
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आईपीएल 2020
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आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में टूर्नामेंट के शेड्यूल पर भी चर्चा होगी। अभी तक खबरें हैं कि लीग की सभी फ्रैंचाइजियां और बीसीसीआई इस लीग के सभी 60 मैच कराने को तैयार हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आईपीएल 26 सितंबर से शुरू होकर आठ नवंबर तक खेला जाएगा।