क्रिकेट के मैदान पर रन आउट कई बार मैच का रूख बदल देता है। जीती हुई बाजी हार में बदल जाती है। आईपीएल का 12 सीजन अब तक खेला गया है। कई मैच ऐसे हुए हैं, जिसके रोमांच ने सारी हदें पार कर दी हैं। कई बार ऐसा मौका भी आया है, जब एक रन आउट की वजह से टीम को अपना खिताब तक गंवाना पड़ा है। आइए हम आपको बताते हैं आईपीएल के तीन खिताबी मुकाबले के बारे में जिनमें एक रन आउट ने मैच का पूरा खेल ही बदल दिया था।
जब कुछ इंच की वजह से बदल गए IPL चैंपिंयस, वो तीन मौके जब रन आउट ने डाला रंग में भंग
आईपीएल 2019 के खिताबी मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रन आउट हो गए। पूरे टूर्नामेंट में टीम की बल्लेबाजी उन्हीं के आसपास घूम रही थी। मुंबई इंडियंस के खिलाफ इस हाई प्रेशर मैच में जब धोनी बल्लेबाज के लिए मैदान पर आए, तो उनकी टीम को 57 गेंदों में 77 रन बनाने थे। रन लेने के क्रम में ईशान किशन ने धोनी को रन आउट कर दिया।
उनके रन आउट होने पर काफी विवाद हुआ, लेकिन काफी रीप्ले देखने के बाद उन्हें आउट दिया गया। उनके बल्ले से आठ गेंदों में दो रन ही बना पाए। अंत में चेन्नई को सिर्फ एक रनों से हार झेलनी पड़ी। महेंद्र सिंह धोनी रन आउट नहीं होते तो शायद उनकी टीम आसानी से इस मुकाबले को जीतकर एक और खिताब अपने नाम कर लेती।
आईपीएल 2010 का फाइनल भी मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया था। मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 168 रन बोर्ड पर टांग दिए थे। मुंबई को अंतिम आठ गेंदों में 26 रन की जरूरत थी, तभी शानदार लय में खेल रहे अंबाती रायुडू रन आउट हो गए। इसके बाद अगली ही गेंद पर रायु़डू के साथ बल्लेबाजी कर रहे कीरोन पोलार्ड भी आउट हो गए। एक रन लेने के बाद पोलार्ड दूसरे रन के लिए भागे, लेकिन रायुडू तैयार नहीं थे। पोलार्ड को बचाने के लिए अंबाती ने खुद को रन आउट करवा लिया। मुंबई इंडियस यह मुकाबला हार गई।
आईपीएल 2016 का फाइनल मुकाबला खेला गया सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच। मैच के अंतिम 12 गेंदों में आरसीबी को जीत के लिए 30 रन की जरूरत थी। पिच पर स्टुअर्ट बिन्नी के साथ सचिन बेबी थे। 18वें ओवर की पहली ही गेंद पर रन आउट हो गए। लॉन्ग ऑन पर खेलकर उन्होंने दो रन लेने की कोशिश की लेकिन दीपक हूडा के थ्रो से नहीं बच पाए।
उनके आउट होने के बाद सिर्फ गेंदबाज बचे थे और टीम को आठ रन से हार मिली। इस मैच में बल्लेबाजी के लिए उतरते ही बिन्नी ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया। उनके बल्ले से सात गेंदों में 9 रन निकले थे। बिन्नी अगर अंत तक खेलते तो मैच का नतीजा कुछ भी हो सकता था। उस सीजन के बाद आरसीबी अभी तक प्लेऑफ में जगह नहीं बना पाई है।