टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली की क्रिकेट फैन को भारत छोड़ने की नसीहत देने पर चौतरफा आलोचना हो रही है। हालांकि यह कोई पहला ऐसा मौका नहीं है जब किसी क्रिकेटर के बयान को इतना उछाला जा रहा है। इससे पहले भी कई क्रिकेटर अपने बयान पर इसी तरह घिर चुके हैं।
बिग बैश लीग के दौरान कैरेबियाई क्रिकेटर क्रिस गेल ने एक महिला पत्रकार के साथ गलत तरीके से बात की थी। इसके बाद गेल की काफी आलोचना हुई थी और उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। गेल ने महिला पत्रकार से कहा था, 'आपकी आंखें बहुत सुंदर हैं, मैंने ये पारी इसीलिए खेली ताकि आप मेरा इंटरव्यू ले सकें। मैच के बाद हम एक ड्रिंक्स ले सकते हैं।'
इससे पहले पाकिस्तान के रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर तेज गेंदबाज शोएब अख्तर भी अपने अटपटे बयान पर घिर चुके हैं। अख्तर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में सचिन और राहुल द्रविड़ के खेल पर सवाल उठाए थे। अख्तर ने सचिन तेंदुलकर के बारे में लिखते हुए कहा था कि वह एक मैन विनर खिलाड़ी नहीं हैं।
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शाहिद अफरीदी और विराट कोहली
इसी तरह शाहिद अफरीदी की भी कई बार आलोचना हुई है। 2011 विश्वकप सेमीफाइनल में भारत से हार के बाद उन्होंने कहा था कि भारतीय लोगों का दिल पाकिस्तानियों जैसा बड़ा नहीं है। इसके अलावा साल 2014 में अफरीदी का वो बयान उन पर भारी पड़ गया था जब उन्होंने पाक महिलाओं को सिर्फ खाना बनाने में माहिर बताया था।
पूर्व क्रिकेट वीरेंद्र सहवाग भी धोनी पर विवादास्पद बयान देकर अपना मजाक उड़वा चुके हैं। सहवाग ने कहा था कि 2011 विश्व कप टीम इंडिया ने धोनी की कप्तानी की वजह से नहीं बल्कि अच्छी टीम की वजह से जीता था। साल 2007 में वर्ल्ड टी20 पर कब्जा भी अच्छी टीम की वजह से हुआ था।