बाएं हाथ के उम्दा बल्लेबाज सुरेश रैना आजकल टीम इंडिया से बाहर हैं। श्रीलंका के दौरे पर उनकी वापसी की चर्चा हुई थी। लेकिन फिटनेस और यो यो टेस्ट की वजह से उनका चयन नहीं हो पाया। रैना ने भारत के लिए अपना अंतिम टी-20 मैच इंग्लैंड के खिलाफ इस साल जनवरी में बेंगलुरू में खेला है। अंतिम वन डे अक्टूबर 2015 में मुंबई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला है। सुरेश रैना वैसे कह चुके हैं कि वह टीम इंडिया में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। सचिन तेंदुलकर से अपनी शैली को लेकर बात भी कर चुके हैं। रैना की ऐसी कोशिश के बीच हम उनकी वापसी के पांच रास्तों के बारे में इस स्लाइड में विश्लेषण करेंगे। इसमें आपको बताएंगे कि किन पांच वजहों से रैना टीम इंडिया में वापसी कर सकते हैं।
मिडिल ऑर्डर के लिए अब भी रैना हैं अनुभवी
कोहली और धोनी के अलावा मिडिल ऑर्डर में युवराज की गैर मौजूदगी में अभी भी एक अनुभवी बल्लेबाज की कमी है। इस कमी को रैना एक हद तक पूरा करते हैं। कोहली और धोनी के सस्ते में आउट होने के बाद अगर टीम का मिडिल ऑर्डर मसलन केएल राहुल, मनीष पांडेय और केदार जाधव का बल्ला नहीं चला तो मैच हाथ से निकल सकता है। लिहाजा सुरैश रैना को अभी टीम में जगह मिल सकती है। रैना का अनुभव मिडिल ऑर्डर को पुख्ता बना सकता है।
बेहतर क्षेत्ररक्षक हैं रैना
सुरेश रैना बेहतर क्षेत्ररक्षक हैं। रनों को बचाने के साथ वह शानदार ढंग से कैच भी लपकते हैं। मनीष पांडेय, केदार जाधव और केएल राहुल के मुकाबले रैना क्षेत्ररक्षण में काफी चौकन्ने हैं। बेहतर क्षेत्ररक्षण से अगर कोई 20 रन भी बचाता है तो वह जीत का नायक हो सकता है। रैना की इसलिए टीम में अभी भी जगह बन सकती है।
रैना भी फिनिशिंग में माहिर हैं
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सुरेश रैना
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2016 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 मैचों की सीरीज जीती थीं। इसमें विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी की थी। लेकिन अंतिम मैच में रैना ने अंतिम ओवर में धैर्यपूर्वक बल्लेबाजी कर टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। रैना धोनी के साथ टीम इंडिया के लिए बेहतर फिनिशर की भूमिका निभा सकते हैं। आईपीएल में वह बेहतर बल्लेबाजी करते हैं। उनका यह अनुभव टीम इंडिया के काम अभी भी आ सकता है।
पार्ट टाइम बॉलिंग में रैना हैं बेहतर
केदार जाधव अभी पार्ट टाइम गेंदबाजी करते हैं। लेकिन वह रन काफी खर्च करते हैं। रैना भी मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज होने के साथ पार्ट टाइम गेंदबाजी में प्रभावी हो सकते हैं। उन्होंने कई मैचों में किफायती गेंदबाजी करते हुए विपक्षी टीम के विकेट निकाले हैं। 25 से 40 ओवर के बीच विकेट निकालने और रन रोकने में रैना एक अहम कड़ी साबित हो सकते हैं।