बीसीसीआई भले ही खाली स्टेडियम में आईपीएल करवाने को तैयार हो, लेकिन 'क्रिकेट के भगवान' की राय जुदा है। मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर मानते हैं कि सिर्फ इंडियन प्रीमियर लीग ही नहीं बल्कि कोई भी मैच बगैर दर्शकों के नहीं होना चाहिए, क्योंकि फैंस की वजह से ही खिलाड़ियों को ऊर्जा मिलती है। कम से कम स्टेडियम में 25 प्रतिशत दर्शकों को तो मंजूरी मिलनी ही चाहिए। एक समाचार चैनल से बात करते हुए सचिन ने टी-20 विश्व कप का फैसला ऑस्ट्रेलिया को ही लेने को कहा। उन्होंने कहा कि सारे हालातों को समझकर ही क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया आगे बढ़े। इससे पहले लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर ने भी आईपीएल के भविष्य पर अपनी राय रखी थी।
खाली स्टेडियम में IPL: सचिन ने कहा- दर्शकों से ऊर्जा मिलती है, गावस्कर ने भी रखी अपनी राय
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महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि इस साल सितंबर की शुरूआत में श्रीलंका में इंडियन प्रीमियर लीग हो सकता है क्योंकि कोरोना वायरस महामारी से पार पाने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अक्तूबर में टी-20 विश्व कप की मेजबानी की संभावना प्रबल कर ली है।
भारत के पूर्व कप्तान का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया सरकार घोषणा कर चुकी है कि खेल आयोजनों में 25 प्रतिशत दर्शक आ सकते हैं जिससे अक्तूबर में टी-20 विश्व कप होने की संभावना आईपीएल से ज्यादा लगती है। गावस्कर ने एक हिंदी समाचार चैनल से बातचीत में कहा, 'ऑस्ट्रेलिया सरकार की घोषणा के बाद अब अक्तूबर में टी20 विश्व कप होने की संभावना ज्यादा लग रही है। टीमों को शायद तीन सप्ताह पहले पहुंचना पड़े और सात दिन अभ्यास के लिए मिले। 14 दिन का क्वारंटीन भी संभव है।'
उन्होंने कहा, 'यदि आईसीसी को लगता है कि टी-20 विश्व कप संभव है तो आईपीएल होना मुश्किल है क्योंकि टी-20 विश्व कप स्थगित होने पर ही इसके आयोजन की संभावना थी। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की घोषणा के बाद अब आईपीएल होना मुश्किल लग रहा है। उन्होंने हालांकि कहा कि सितंबर में श्रीलंका या यूएई में छोटा आईपीएल हो सकता है।
गावस्कर ने कहा, 'सितंबर में मानसून के कारण भारत में आईपीएल नहीं हो सकता। श्रीलंका में सितंबर की शुरूआत में यह संभव है और एक दूसरे के खिलाफ दो दो मैच खेलने की बजाय टीमें एक एक मैच खेल सकती हैं।' उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद क्रिकेट अलग अनुभव होगा। खासकर जब स्टेडियमों में दर्शक नहीं रहेंगे। दर्शकों की मौजूदगी में माहौल ही अलग होता है। खिलाड़ियों को वह मजा नहीं आएगा। इसके अलावा खिलाड़ी एक दूसरे को गले भी नहीं लगा सकेंगे।