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विदेश में जीत के लिए सचिन ने दिया टू पिच फॉर्मूला... जानिए क्या है ये
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 04 Dec 2016 10:46 PM IST
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Sachin Tendulkar
जब भारत का घरेलू क्रिकेट एक नई शुरुआत करने की कोशिश कर रहा है तब क्रिकेट का भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने रणजी ट्रॉफी के लिए टू पिच फॉर्मूला देकर सबको चौंका दिया है। सचिन का कहना है रणजी ट्रॉफी मैच दो पिचों पर खेले जाने चाहिए। सचिन ने टू पिच फॉर्मूला इसलिए दिया है ताकि भारतीय क्रिकेट घर में ही विदेशी दौरों के लिए तैयार हो सकें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में मैच प्रैक्टिस का मौका मिल सके।
विदेश में जीत के लिए सचिन ने दिया टू पिच फॉर्मूला... जानिए क्या है ये
Sachin Tendulkar
दिल्ली में हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मिट में शनिवार को बोलते हुए सचिन तेंदुलकर ने कहा कि एक मैच दो अलग-अलग पिचों पर खेल जाने से लोग रणजी ट्रॉफी मैचों की ओर रुख करेंगे। सचिन ने बताया कि उन्होंने रणजी ट्रॉफी के न्यूट्रल वेन्यू के बारे में बहुत सोचा (जिसे इस बार लागू किया गया है)। मेरा एक सुझाव है जो ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज जैसे देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जहां मैच कोकोबुरा बॉल से खेले जातें हैं और यह गेंद शुरुआत में ज्यादा स्विंग होती है।
विदेश में जीत के लिए सचिन ने दिया टू पिच फॉर्मूला... जानिए क्या है ये
Sachin Tendulkar
मुझे लगता है कि भारत में एसजी बॉल से रणजी ट्रॉफी खेलने वाले बल्लेबाजों को विदेश में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सचिन ने कहा इसलिए मेरा सुझाव है कि रणजी ट्रॉफी में पहली पारी हरे विकेट पर कोकोबुरा बॉल से खेली जाए। जिससे प्रारंभिक बल्लेबाजों के सामने चुनौती पेश आए। इसके अलावा हमारे स्पिनर्स भी यह सीख पाएंगे कि हरे विकेट पर किस तरह कोकोबुरा बॉले से गेंदबाजी की जाए।
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विदेश में जीत के लिए सचिन ने दिया टू पिच फॉर्मूला... जानिए क्या है ये
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : getty
उनका अगला सुझाव और भी रोचक था। उनका कहना था कि दूसरी पारी एसजी बॉल से खेली जाए जिससे हमारे बल्लेबाज बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी का सामना करने के लिए तैयार हो सकें। अधिकांश समय हमारा ध्यान विदेश में तेज गेंदबाजी का सामना करने पर रहता है लेकिन हमें स्पिन गेंदबाजी का सामना करना भी सीखना चाहिए। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि विदेशी टीमें भारत में हारती हैं। इसके बाद हो सकता है कि वो भी अपने घरेलू क्रिकेट में एसजी बॉल का उपयोग करने लगें।
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सचिन
सचिन के अनुसार इससे क्यूरेटर को भी दो अलग-अलग व्यवहार वाली पिच बनाने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही टॉस से मैच का फैसले में होने वाला असर भी कम हो जाएगा। टॉस जीतने वाली टीम को केवल 10 प्रतिशत फायदा मिलेगा। हरे विकेट को देखकर जो टीम पहले गेंदबाजी चुनेगी उसके दिमाग में यह बात भी होगी कि चौथी पारी में स्पिन ट्रैक पर उन्हें बल्लेबाजी भी करनी है। इससे पिच से किसी एक टीम को मिलने वाला दोहरा फायदा खत्म हो जाएगा।