.बीसीसीआई और लोढा कमेटी के बीच चल रहे विवाद ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नियत समय में कमेटी की अनुशंसाओं को लागू नहीं करने के कारण लोढा समिति ने बीबीसीआई के पदाधिकारियों को अपदस्थ करने की अनुशंसा तक कर दी है। ऐसे में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
लोढा समिति विवाद पर सचिन ने तोड़ी चुप्पी, कहा सब कुछ ठीक नहीं लेकिन..
सचिन तेंदुलकर ने इस मामले पर हिंदुस्तान लीडरशिप सम्मिट के दौरान वैसे तो इस मामले पर कुछ भी साफ साफ कहना उचित नहीं समझा लेकिन सचिन ने बीसीसीआई का समर्थन करते हुए कहा कि मेरी व्यक्तिगत राय यह है, कि जब मैं काफी छोटा था, बीसीसीआई और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने उस समय से मेरी काफी मदद की है। बीसीसीआई और एमसीए ने पूरी तरह से क्रिकेट को बढ़ावा दिया है।
लोढा समिति विवाद पर सचिन ने तोड़ी चुप्पी, कहा सब कुछ ठीक नहीं लेकिन..
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- फोटो : mumbai cricket association
सचिन ने आगे कहा कि मैंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से यह कहा था कि वो स्कूली क्रिकेट के लिए कुछ करे और उन्होंने मेरी बात पर अमल करते हुए स्कूली क्रिकेट में बदलाव किए। मास्टर ब्लास्टर ने आगे कहा कि बीसीसीआई ने हमेशा से सभी खिलाड़ियों का पूरा साथ दिया है, और हमें पूरी तरह से निखरने का मौका दिया। मैं यह मानता हूं, कि सब कुछ ठीक नहीं है, लेकिन चीजें ठीक की जा सकती हैं।
लोढा समिति विवाद पर सचिन ने तोड़ी चुप्पी, कहा सब कुछ ठीक नहीं लेकिन..
इस विवाद के कारण सबसे ज्यादा नुकसान बीसीसीआई और भारत की छवि को पहुंचा है। इस विवाद के कारण भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही मौजूदा सीरीज पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे थे। जस्टिस आर एम लोढ़ा, ने बीसीसीआई से जुड़ी सभी संस्थाओं के खर्च पर प्रतिबन्ध लगा दिया था, और इसी कारण राजकोट टेस्ट मैच के आयोजन पर सवालिया निशान खड़े हो गए थे।