टीम इंडिया के स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सोमवार को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के चौथे दिन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। वो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 300 विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। अश्विन ने यह उपलब्धि अपने करियर के 54वें टेस्ट में हासिल की और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान तेज गेंदबाज डेनिस लिली को पीछे छोड़ा। लिली ने अपने टेस्ट करियर के 56वें टेस्ट में यह मुकाम हासिल किया था। हालांकि, टीम इंडिया के दो क्रिकेटर्स को अश्विन की सफलता से बड़ा नुकसान हुआ है।
अश्विन की उपलब्धि का सबसे बड़ा नुकसान टीम इंडिया के तेज गेंदबाज उमेश यादव को झेलना पड़ा। उमेश अपने टेस्ट करियर के 100 विकेट पूरे करने से चूक गए। अब उन्हें दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में होने वाले तीसरे व अंतिम टेस्ट तक इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। उमेश टेस्ट क्रिकेट में विकेटों का शतक पूरा करने वाले भारत के 21वें जबकि विश्व के 181वें गेदबाज बनेंगे।
3 of 5
विराट कोहली और रविंद्र जडेजा
- फोटो : twitter
वैसे आपको बता दें कि अश्विन ने लगातार तीसरे साल एक कैलेंडर ईयर में 50 या इससे अधिक टेस्ट विकेट हासिल किए। मगर उनकी वजह से टीम इंडिया के ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा एक कमाल करने से चूक गए। दरअसल, जडेजा के पास 2017 में 50 टेस्ट विकेट पूरे करने का शानदार मौका था। अब उमेश के समान ही जडेजा को भी श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टेस्ट का इंतजार करना पड़ेगा।
बता दें कि 2017 में 50 या इससे अधिक टेस्ट विकेट लेने के मामले में अश्विन चौथे स्थान पर रहे। उनसे पहले दक्षिण अफ्रीका के कागिसो रबाडा, श्रीलंका के रंगना हेराथ और ऑस्ट्रेलिया के नाथन लायन यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
5 of 5
रविचंद्रन अश्विन
- फोटो : BCCI
अश्विन ने लगातार तीसरे साल एक कैलेंडर वर्ष में 50 या इससे अधिक टेस्ट विकेट लेने का कमाल भी किया। वो ऐसा करने वाले विश्व के तीसरे स्पिनर बने। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने 1993, 1994 और 1995 में तथा श्रीलंका के पूर्व महान ऑफस्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने 2000, 2001 और 2002 में यही कमाल किया था।