टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि टीम इंडिया को मौजूदा एशिया कप में पाकिस्तान से नहीं बल्कि अफगानिस्तान या बांग्लादेश से सतर्क रहने की जरूरत है। अफगानिस्तान ने अपने दोनों मुकाबले जीतकर सुपर फोर में प्रवेश किया जबकि बांग्लादेश ने भी श्रीलंका को एकतरफा मैच में मात दी। वहीं टीम इंडिया ने हांगकांग को संघर्षपूर्ण मुकाबले में मात देने के बाद पाकिस्तान पर एकतरफा जीत दर्ज की।
हालांकि, इस साल एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले की चर्चा जोरों-शोरों पर है, लेकिन द्रविड़ का मानना है कि अफगानिस्तान और बांग्लादेश दो बहुत अच्छी टीमें हैं। दोनों ही टीमें बड़ा उलटफेर करने में माहिर हैं। भारतीय अंडर-19 टीम के कोच द्रविड़ ने कहा, 'अफगानिस्तान अच्छा प्रदर्शन कर रही है। मुझे समझ नहीं आता कि हम पूरा ध्यान पाकिस्तान पर क्यों लगा रहे हैं। बांग्लादेश भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। अफगानिस्तान ऐसी टीम है, जिसने अपनी पहचान बनाई है। अगर मैं टीम में होता तो अपना पूरा ध्यान पाकिस्तान पर नहीं लगाता। हम सफेद गेंद से अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन हमें अन्य टीमों से सतर्क रहने की जरूरत है।'
इसके अलावा द्रविड़ ने हाल ही में संपन्न इंग्लैंड दौरे पर भी टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन पर अपने विचार प्रकट किए। भारतीय ए टीम के कोच द्रविड़ ने कहा, 'सबसे पहले इसे स्वीकार करना होगा कि इंग्लैंड में बल्लेबाजी के लिए स्थिति आसान नहीं थी। मुझे लगता है कि दोनों ही टीमों के बल्लेबाजों ने संघर्ष किया। अगर आप विराट कोहली को किनारे करें तो अन्य बल्लेबाजों के लिए यह सीरीज आसान नहीं थी। मैंने भी इंग्लैंड में कुछ समय खेला है, परिस्थिति हमेशा कठिन मिली।'
'द वॉल' के नाम से मशहूर द्रविड़ ने साथ ही कहा कि टीम इंडिया अगली बार जब इंग्लैंड दौरे पर जाए तो अच्छी तैयारी करें और मुश्किल परिस्थितियों में खेलने के लिए तैयार रहें। पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमें आगे ध्यान देने की जरूरत है। अगली बार जब हम वहां जाएं तो इस तरह की मुश्किल परिस्थितियों में खेलने के लिए तैयार रहें। हम अगली बार मजबूत टीम बनकर जाएंगे तो जीत भी हासिल करेंगे।'
द्रविड़ ने 1986 के बाद टीम इंडिया को इंग्लैंड में पहली बार टेस्ट सीरीज में जीत दिलाई। द्रविड़ के नेतृत्व वाली टीम इंडिया ने 2007 में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 के अंतर से अपने नाम की। चार साल के बाद द्रविड़ इंग्लैंड में सबसे सफल बल्लेबाज रहे और उन्होंने दौरे पर तीन शतक जड़े। हालांकि, टीम इंडिया का यह दौरा बेहद निराशाजनक रहा और उसे 0-4 की शिकस्त झेलनी पड़ी थी।