कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच का मुकाबला अपने आप में ऐतिहासिक है लेकिन विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया अपने उस अजेय अभियान को बनाए रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी जो उसने लगातार 28 सालों से बनाए रखा है।
कोहली की टीम पर बड़ा चैलेंज, 28 साल के रिकॉर्ड को बचाए रखना होगा
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विराट कोहली
- फोटो : getty
माना जा रहा है कि कानपुर की पिच टर्निंग पिच रहेगी लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम की खास बात यह है कि उसकी टीम में शामिल किसी भी फिरकी गेंदबाज को इस मैदान पर खेलने का अनुभव नहीं है। भारत के फिरकी गेंदबाज पहली बार यहां पर खेलने उतरेंगे। पिछले मैचों के आधार पर देखा जाए तो इस मैदान पर फिरकी गेंदबाजों का ही जलवा रहा है। भारत ने यहां खेले अपने पिछले 5 टेस्ट मैचों में 4 में जीत हासिल की है जबकि एक मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ था।
कोहली की टीम पर बड़ा चैलेंज, 28 साल के रिकॉर्ड को बचाए रखना होगा
इन 5 टेस्ट मैचों में भारत की ओर से 70 फीसदी विकेट फिरकी गेंदबाजों ने झटके हैं। यहां पर 23.80 की औसत से 63 विकेट स्पिनर्स के खाते में गए। हालांकि इस बार टीम में शामिल किसी भी स्पिनर्स को यहां पर खेलने का अनुभव नहीं है। 2009 में भारत ने आखिरी बार यहां पर टेस्ट मैच खेला जिसमें श्रीलंका को एक पारी और 144 रनों से हरा दिया था।
कोहली की टीम पर बड़ा चैलेंज, 28 साल के रिकॉर्ड को बचाए रखना होगा
न्यूजीलैंड ने इससे पहले 2012 में भारत का दौरा किया था। 2 मैचों की उस सीरीज में आर अश्विन का जलवा दिखा था। उन्होंने किवी टीम की 4 पारियों में 3 बार 5 या उससे ज्यादा विकेट झटकते हुए कुल 18 विकेट निकाल लिए थे। उनकी गेंदबाजी का औसत किसी भी अन्य टीम की तुलना में न्यूजीलैंड के खिलाफ बेहतर है। साथ ही अश्विन को क्रिकेट इतिहास में दूसरा सबसे तेज टेस्ट में 200 विकेट लेने के लिए अगले मैच में 7 विकेट लेने की दरकार है।
कोहली की टीम पर बड़ा चैलेंज, 28 साल के रिकॉर्ड को बचाए रखना होगा
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टीम इंडिया
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टीम इंडिया की कमान इस बार विराट कोहली के हाथों में है और उन पर यह खास दारोमदार रहेगा कि पिछले 28 साल से भारत की धरती पर पहली टेस्ट जीत को तरस रही न्यूजीलैंड टीम को इस बार भी जीत के बगैर वापस भेजे। किवी टीम ने 1988 से एक भी टेस्ट मैच भारत में नहीं जीता है।