चुनौतीपूर्ण हालात में चतुराई भरी स्विंग गेंदबाजी के सामने चकमा खाने वाली भारतीय टीम महेंद्र सिंह धोनी की वापसी के बाद बढे हुए आत्मविश्वास के साथ न्यूजीलैंड को पांचवें और आखिरी एक दिवसीय मैच में हराकर जीत के साथ वनडे सीरीज खत्म करना चाहेगी।
भारत के सबसे अनुभवी वनडे खिलाड़ी धोनी मांसपेशी में चोट के कारण पिछले दो मैच नहीं खेल सके थे। चौथे वनडे में भारतीय टीम के 92 रन पर सिमटने के बाद अब आखिरी मैच में उनकी वापसी से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा।
वैसे बेसिन रिजर्व पर तेज हवाओं के बीच हालात उतने अनुकूल नहीं होंगे। धोनी के आने से मध्यक्रम को मजबूती मिलेगी जो कप्तान विराट कोहली की गैर मौजूदगी में कमजोर लग रहा है। सहायक कोच संजय बांगड़ ने इसकी पुष्टि की कि धोनी यह मैच खेलेंगे।
विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए युवा शुभमान गिल को अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है। हैमिल्टन में अंबाती रायुडू, केदार जाधव और दिनेश कार्तिक नाकाम रहे। ऐसे में रोहित शर्मा और शिखर धवन के जल्दी आउट होने पर और कोहली की गैर मौजूदगी में उन पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता। तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले भारत को अपनी कमजोरियों से पार पाना होगा चूंकि विश्व कप भी करीब है। इंग्लैंड में भी इस तरह के हालात होंगे जहां स्विंग गेंदबाजों को मदद मिलेगी। शायद इस वजह से सिराज अहमद पर भी भरोसा दिखाया जा सकता है।
रोहित इसे अब तक के बदतरीन बल्लेबाजी प्रदर्शन में से एक कह चुके हैं और उनसे शिखर धवन के साथ टीम को अच्छी शुरूआत देने की उम्मीद होगी। निलंबन से लौटे हार्दिक पंड्या अच्छा प्रदर्शन बरकरार रखना चाहेंगे। यह देखना होगा कि भुवनेश्वर कुमार को आराम देने के बाद मोहम्मद शमी की वापसी होती है या नहीं। टीम प्रबंधन मोहम्मद सिराज को आजमाना चाहेगा क्योंकि खलील अहमद पिछले मैच में प्रभावी नहीं रहे।