टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज पर शुक्रवार को दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा। ऑस्ट्रेलिया में मौजूद सिराज जैसे ही अभ्यास सत्र के बाद होटल लौटे, उन्हें उनके पिता के निधन की खबर दी गई। सिराज के क्रिकेटर बनने और हैदराबाद की गलियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में उनके 53 वर्षीय पिता मोहम्मद गौस का सबसे अधिक योगदान था।
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मोहम्मद सिराज को टी-20 कैप सौंपते रवि शास्त्री
- फोटो : BCCI
पिता के निधन की खबर पर भावुक सिराज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह चौंकाने वाला है। मैंने अपने जीवन का सबसे बड़ा सहारा खो दिया। निराश सिराज ने बताया कि मुझे देश के लिए खेलते हुए देखना उसका सपना था और मुझे खुशी है कि मैं उनके सपने को पूरा कर सका और उन्हें खुशी दे पाया।
बता दें कि सिराज के पिता मोहम्मद गौस ऑटो ड्राइवर थे। उनकी कमाई बहुत ज्यादा नहीं थी। हालांकि, पिता ने अपने बेटे के सपनों के बीच कभी भी आर्थिक तंगी को नहीं आने दिया। उन्होंने तमाम दिक्कतों का सामना करके अपने बेटे के लिए महंगी किट का इंतजाम किया।
टीम इंडिया में पहली बार चुने जाने के बाद सिराज ने कहा था,' मैं 23 साल का हूं और मैं अब अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए सक्षम हूं। मैंने अपने पिता से कहा कि अब आपको ज्यादा काम करने की जरुरत नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि अब हमनें अपने परिवार के साथ नए घर में शिफ्ट कर लिया है।'
बता दें कि सिराज का जीवन काफी मुश्किल में बीता है। ऑटो चालक रहते हुए भी सिराज के पिता ने उन्हें जिंदगी में कभी भी पैसों की कमी महसूस नहीं होने दी। उन्होंने सिराज के लिए वह सबकुछ किया जो एक पिता की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने सिराज को किसी भी चीज की कमी नहीं खलने दी।