टीम इंडिया के चाइनामैन कुलदीप यादव ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने 13 रन देकर 3 विकेट चटकाए। कुलदीप ने मैच के बाद ईडन गार्डंस पर मिली सफलता का राज खोला। उन्होंने कहा, 'ईडन गार्डंस की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ होने का काफी फायदा मिला। जब आपने किसी एक मैदान पर कई मैच खेले हों तो उसके अनुभव का काफी फायदा मिलता है।'
कुलदीप ने आगे कहा, 'आप विकेट, आउटफील्ड आदि से अच्छी तरह से परिचित होते हो। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है। जैसे मुझे पता था कि अगर आप ईडन की पिच पर अपनी गति में परिवर्तन करते हैं, तो इसका फायदा जरूर मिलेगा। इससे मुझे काफी मदद मिली और मेरा आत्मविश्वास बढ़ा।'
टी20 क्रिकेट में 100 विकेट पूरे करने वाले चाइनामैन पिछले कुछ वर्षों से आईपीएल में कोलकाता नाइटराइडर्स का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिसका होमग्राउंड ईडन गार्डंस है। यही वजह है कि कुलदीप यादव ईडन पर काफी सफल साबित हुए। बाएं हाथ के स्पिनर ने डेब्यू करने वाले क्रुणाल पंड्या की भी काफी मदद की। उन्होंने कहा, 'क्रुणाल ने सातवें ओवर में गेंद संभाली और मैंने 8वें ओवर में। हमारे बीच केवल इतनी ही बात हुई कि विकेट से टर्न नहीं मिल रहा है, लेकिन गेंद पर ग्रिप बन रही है।'
कुलदीप ने लगभग 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अपनी खास गेंद की, जिसने बल्लेबाजों को खासा परेशान किया। यादव ने बताया कि वह अंडर-19 के दिनों से इस पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने 4-5 पांच साल पहले नेट्स पर इस गेंद का अभ्यास करना शुरू किया था। पिछली सीरीज में भी कुछ अवसरों पर मैंने इस गेंद का उपयोग किया। इस गेंद को लेकर आश्वस्त होता जा रहा हूं और मैच की परिस्थितियों के अनुसार इसका उपयोग कर रहा हूं। टी20 क्रिकेट में बल्लेबाज की लय तोड़ने के लिए इस तरह की गेंद करनी होती है।'
टीम इंडिया ने 110 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शीर्षक्रम के बल्लेबाज जल्दी गंवा दिए। ऐसे में केकेआर के कप्तान दिनेश कार्तिक की नाबाद 31 रन की पारी काफी काम आई। कुलदीप ने कहा, 'कई बार 110 रन का लक्ष्य भी मुश्किल बन जाता है। ईडन गार्डंस में दूसरी पारी में गेंद स्विंग ले रही थी। उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की और हमारे लिए मुश्किलें पैदा की।' कार्तिक के खेल पर कुलदीप ने कहा, 'उन्होंने वास्तव में अच्छी बल्लेबाजी की। परिस्थितियां उनके अनुकूल थी। पिछले सत्र में उन्होंने केकेआर की अगुवाई की और इसलिए वह परिस्थितियों से अच्छी तरह अवगत थे।'