टीम इंडिया के ओपनर केएल राहुल का समय बिलकुल भी अच्छा नहीं चल रहा है। वह एक—एक रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि राहुल काफी प्रतिभावान जरूर हैं, लेकिन इस समय ऐसा लग रहा है कि वह अपनी क्रिकेट भूल चुके हैं।
आॅस्ट्रेलिया दौरे पर जाने से पहले युवा बल्लेबाज पर अपनी जगह सुरक्षित रखने का ज्यादा दबाव था और वह इसे सह नहीं पाए। राहुल मौजूदा दौरे के पहले दोनों टेस्ट में प्रभावित करने में नाकाम रहे। पर्थ में टीम इंडिया की दूसरी पारी में वह खाता भी नहीं खोल सके और एक शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम कर बैठे।
राहुल पिछली 11 पारियों में सर्वाधिक सात बार क्लीन बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। इसी के साथ राहुल ने महान सुनील गावस्कर के एक अनचाहे रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। दोनों ओपनर्स एक टेस्ट की दोनों पारियों में सबसे ज्यादा बार क्लीन बोल्ड होकर पवेलियन लौटने के मामले में बराबरी पर पहुंच गए हैं। जहां लिटिल मास्टर गावस्कर 125 टेस्ट में तीन बार दोनों पारियों में क्लीन बोल्ड होकर पवेलियन लौटे, वहीं राहुल ने अपने करियर के केवल 33वें टेस्ट में ही इस शर्मनाक रिकॉर्ड की बराबरी की।
खराब फॉर्म से जूझ रहे केएल राहुल को भारत की दूसरी पारी के पहले ही ओवर में स्टार्क ने क्लीन बोल्ड करके पवेलियन भेज दिया। 287 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को अपने ओपनर्स से दमदार शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन केएल राहुल ने पूरी तरह निराश किया। वह स्टार्क की चौथी गेंद को समझ ही नहीं पाए और निराश होकर पवेलियन लौटे।
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के एल राहुल
- फोटो : BCCI
केएल राहुल की फॉर्म टीम इंडिया के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि राहुल को टीम से बाहर कर देना चाहिए। उन्होंने हाल ही में कहा था, 'आप राहुल को दो टेस्ट में आजमाइए। अगर वह रन नहीं बनाता तो उसे बाहर कीजिए। वह आउट होने के नए—नए तरीके ला रहा है। समय आ गया है जब उसके खिलाफ सख्त कदम उठाना होगा।'