टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने चोट के बाद अपनी शानदार वापसी और टेस्ट क्रिकेट में दूसरी बार पांच विकेट लेने के कारनामे का श्रेय कैमरे से इतर की गई कड़ी मेहनत और फिटनेस को दिया है। बुमराह ने 85 रन देकर पांच विकेट चटकाए हैं, जिससे इंग्लैंड की टीम तीसरे टेस्ट में 521 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे दिन 9 विकेट पर 311 रन बनाकर हार के कगार पर पहुंच गई है।
उन्होंने कहा, 'जब मैंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया तो मेरा पहला स्पेल 10 ओवर का था। मैं रणजी ट्रॉफी में हमेशा अधिक से अधिक ओवर करता रहा, जिससे मुझे मदद मिली। इसका मुझे आज भी फायदा मिला। जब मैं चोटिल था तो मैंने अपनी फिटनेस और अभ्यास पर ध्यान दिया। मैं हमेशा अपने ट्रेनर के संपर्क में रहा ताकि वापसी करने पर मैं अच्छी स्थिति में रहूं। इन सभी से मुझे आज मदद मिली।'
इस तेज गेंदबाज ने दूसरी बार टेस्ट क्रिकेट में पारी में पांच विकेट लिए। इससे भारत का पांच मैचों की सीरीज में 0-2 की हार से उबरकर वापसी का रास्ता साफ हो गया। बुमराह ने कहा, 'आपको कुछ भी आसानी से नहीं मिलता। आपको इसके लिए काम करना होता है। हमने कड़ी मेहनत की। इस कड़ी मेहनत से आपको ऐसे दिनों में सफलता मिलती है। कैमरे से इतर हम जो कड़ी मेहनत करते हैं, ऐसे दिनों में उसका नतीजा देखने को मिलता है।'
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जसप्रीत बुमराह
- फोटो : BCCI
इंग्लैंड का स्कोर एक समय चार विकेट पर 62 रन था। इसके बाद जोस बटलर और बेन स्टोक्स ने 169 रन की साझेदारी की। बुमराह ने कहा, 'सीमित ओवरों में चीजें भिन्न होती है। वहां आप चतुराई से बल्लेबाज को छकाते हैं और यहां टेस्ट क्रिकेट में संयम और निरंतरता ही सबकुछ है। आज मेरा ध्यान इसी पर था। मैं हमेशा अच्छी लेंथ से गेंदबाजी करने पर ध्यान देता हूं तथा अच्छी लेंथ से बल्लेबाज को चुनौती देता हूं। आखिर में यह दिन अच्छा रहा। मैं उसके (जो रूट) बल्ले का किनारा लेने में सफल रहा।'
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जसप्रीत बुमराह
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बुमराह ने कहा कि उन्होंने जो रूट और बटलर दोनों के साथ मुकाबले का पूरा लुत्फ उठाया और कहा कि ऐसी परिस्थितियों में गेंदबाजी करने के लिये निरंतरता जरूरी है। उन्होंने कहा, 'हम आईपीएल में मुंबई इंडियन्स की तरफ से खेलते रहे हैं, इसलिए मैंने उनके (बटलर) लिये नेट्स पर थोड़ी गेंदबाजी की थी लेकिन बहुत अधिक नहीं। यह हमेशा रोमांचक मुकाबला होता है क्योंकि वह आक्रामक बल्लेबाज है। वह अपनी टीम का महत्वपूर्ण सदस्य भी है। अगर वह अच्छी शुरुआत करता है तो फिर रुकता नहीं है और मुश्किलें पैदा कर सकता है।'