तीन बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए 2022 और 2023 का सीजन अच्छा नहीं रहा था और टीम प्लेऑफ के लिए भी क्वालिफाई नहीं कर सकी थी। हालांकि, 17वें सीजन में टीम ने दमदार प्रदर्शन किया और ग्रुप चरण में तालिका में शीर्ष पर रही और इस सीजन प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बनी। यह पहली बार था जब कोलकाता की टीम ने शीर्ष पर रहकर ग्रुप चरण का समापन किया। केकेआर का विजय रथ यहीं नहीं रुका और उसने क्वालिफायर-1 में सनराइजर्स हैदराबाद को एकतरफा अंदाज में हराकर फाइनल में प्रवेश किया। अब टीम ने फाइनल में भी हैदराबाद के खिलाफ अपना दबदबा बरकरार रखा और 10 साल के खिताबी सूखे को समाप्त किया।
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श्रेयस अय्यर
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इस सीजन श्रेयस अय्यर की अगुआई वाली टीम ने वानखेड़े स्टेडियम का तिलस्म तोड़ा और 12 साल के बाद मुंबई इंडियंस के घरेलू मैदान पर जीत दर्ज की। इतना ही नहीं कोलकाता की बल्लेबाजी इस सीजन काफी शानदार रही और टीम ने छह बार 200 का आंकड़ा पार किया जिसमें टीम ने दो बार 250 से अधिक का स्कोर बनाया। आइए जानते हैं वो कौन-कौन से कारण रहे जिसने इस सीजन केकेआर को सफलताएं दिलाई।
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सुनील नरेन
- फोटो : अमर उजाला
सॉल्ट-नरेन की जोड़ी रही दमदार
केकेआर की सफलता में फिल सॉल्ट और सुनील नरेन की जोड़ी का अहम योगदान रहा। कोलकाता ने जेसन रॉय की जगह सॉल्ट को शामिल किया था जिन्होंने टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया था। नरेन एक बार फिर ओपनिंग के तौर पर भेजे गए। नरेन 2017 सीजन से पहले भी ओपनिंग करने आते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनकी बल्लेबाजी की स्थिति बदल गई थी। सॉल्ट और नरेन की जोड़ी ने इस सीजन काफी दमदार प्रदर्श किया। केकेआर ने इस सीजन पावरप्ले में कई मौकों पर 70 से अधिक रन बनाए। नरेन कोलकाता के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने, जबकि सॉल्ट ठीक उनसे पीछे रहे। वहीं, क्वालिफायर-1 और फाइनल में नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलने वाले वेंकटेश अय्यर ने प्लेऑफ में केकेआर की जीत में अहम योगदान दिया।
रसेल का ऑलराउंड प्रदर्शन
कोलकाता के साथ लंबे समय से जुड़े आंद्रे रसेल ने भी अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। रसेल का फॉर्म में लौटना भी कोलकाता के लिए काफी फायदेमंद रहा। उन्होंने बल्ले तथा गेंद दोनों से केकेआर की जीत में योगदान दिया। रसेल कुछ सीजन से नियमित रूप से प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे, लेकिन उन्होंने इस सीजन अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं रसेल ने फील्डिंग में भी अपना दम दिखाया। रसेल ने इस सीजन 15 मैचों में 185 की स्ट्राइक रेट से 222 रन बनाए, जबकि 19 विकेट भी लिए।
घरेलू खिलाड़ियों का भी रहा योगदान
कोलकाता की टीम में कुछ अच्छे घरेलू प्रतिभा भी मौजूद है। अंगकृष रघुवंशी और रमनदीप सिंह को टीम में शामिल करने के लिए 40 लाख रुपये खर्च किए थे। अंगकृष का यह पहला आईपीएल सीजन था और उन्होंने 10 मैचों में 155.24 के स्ट्राइक रेट से 163 रन बनाए, जबकि रमनदीप सिंह ने भी बल्ले से शानदार योगदान दिया और 200 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की।