इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) ने तमाम विवादों के बीच देश में अपने 10 साल पूरे कर लिए हैं। 10 साल में आईपीएल एक ब्रांड बन चुका है, जिसका मूल्य 34,000 करोड़ रुपए जा पहुंचा है। आईपीएल को पिछले वर्ष 27,000 करोड़ रुपए की तुलना में इस साल अपने ओवरऑल बिजनस में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ग्लोबल वैल्यूएशन एंड कॉर्पोरेट फाइनेंस एडवाइजरी डफ एंड फेल्प्स ने यह आकलन किया है। डफ एंड फेल्प्स के मुताबिक लीग का पिछले तीन साल में कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट 13.9 प्रतिशत रहा।
34,000 करोड़ रुपए हुई आईपीएल की ब्रांड वैल्यू, मुंबई इंडियन्स टॉप पर
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रिपोर्ट के मुताबिक टूर्नामेंट की शुरुआत के बाद से आईपीएल की ओवरऑल वैल्यू और सभी फ्रैंचाइजियो की ब्रांड वैल्यू में गजब की बढ़ोतरी देखने को मिली है। डफ एंड फेल्प्स के एमडी वरुण गुप्ता ने कहा, 'आईपीएल ऐसा ब्रांड है जो यहां ठहरने के लिए है।' उन्होंने एक बात पर ध्यान दिलाया कि यहां फ्रैंचाइजी से बढ़कर आईपीएल ब्रांड है जबकि फुटबॉल जगत में इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) से बढ़कर ब्रांड मैनचेस्टर यूनाइटेड क्लब है।
बता दें कि पिछले वर्ष की तुलना में आईपीएल की फ्रैंचाइजियो की ब्रांड वैल्यू में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। मुंबई इंडियन्स इस मामले में टॉप पर है, जिसकी ब्रांड वैल्यू 106 मिलियन डॉलर है। इसके कोलकाता नाइटराइडर्स 99 मिलियन डॉलर के साथ दूसरे जबकि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर 88 मिलियन डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर है।
विवो के साथ 2,200 करोड़ रुपए के करार के कारण आईपीएल के मूल्य में इजाफा हुआ। विज्ञापन देने वालों के लिए बड़ी खुशी की बात ये रही कि हर साल आईपीएल की व्यूअरशिप में बढ़ोतरी होती दिखी। आईपीएल के 10वें एडिशन में करीब 400 मिलियन यूनिक व्यूअर्स का आकलन हुआ है। आईपीएल को देखने वालों की ज्यादा संख्या यानी करीब 45 प्रतिशत लोग ग्रामीण इलाकों से हैं, जिसकी वजह से बड़े ब्रांड्स इसमें पैसा खर्च करने में हिचकिचाते नहीं है।
डफ एंड फेल्प्स इंडिया के प्रबंध निदेशक वरुण गुप्ता ने कहा, 'इस आईपीएल सीजन ने सभी सही कारणों से सुर्खियां बटोरी- टूर्नामेंट काफी हद तक विवादों से मुक्त रहा, सोशल मीडिया से जुड़ाव में इजाफा हुआ, रणनीतिक और बेहद सफल विपणन फैसले हुए और मैदान पर प्रदर्शन में सुधार हुआ। इन सभी से दुनिया की सबसे अधिक कीमत वाली क्रिकेट लीग के रूप में आईपीएल की स्थिति मजबूत हुई।'