भारत- दक्षिण अफ्रीका के बीच सीरीज का दूसरा टेस्ट 10 अक्तूबर से पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाएगा। विशाखापट्टनम में पहला मैच भारत ने 203 रनों के बड़े अंतर से जीता था। इस शानदार जीत के बाद टीम इंडिया अगले मैच में आत्मविश्वास के साथ उतरेगी। पुणे टेस्ट से पहले टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच भारत अरुण ने कहा कि अरुण ने कहा कि दुनिया में नंबर एक टीम होने के नाते आपको हर हालात में बेहतर करना होगा।
INDvSA: 'नंबर वन टीम को हर हालात में बेहतर करना होगा'
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अरुण ने कहा कि आप नंबर एक बने रहना चाहते हो तो आपको विकेट की ओर नहीं देखना चाहिए। सफलता के लिए अपनी गेंदबाजी पर फोकस करना होगा। उन्होंने इसके लिए मोहम्मद शमी के प्रदर्शन की मिसाल देते हुए कहा कि पिछले मैच में पिच धीमी थी और गेंद नीची रह रही थी। तब ऑफ स्टंप के बाहर करने की जगह विकेट की दिशा में गेंद डालनी जरूरी थी। तब शमी ने अपने पांच में से चार विकेट बोल्ड करके हासिल किए। जब एक गेंदबाज को यह एहसास हो जाता है कि पिच पर क्या हो रहा है तब सफलता का प्रतिशत बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि मेरे हिसाब से दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन दूसरी पारी में वे शमी को खेल नहीं पा रहे थे। अरुण ने कहा कि अगर आप देखेंगे कि कैसे डेन पीट ने नौवें और आखिरी विकेट के लिए बल्लेबाजी की। यह उनके जुझारूपन को दर्शाता है। शमी ने दमदार स्पैल किया जो हमें मैच में वापस ले आया, नहीं तो परिस्थितियों को देखते हुए मुकाबला मुश्किल हो सकता था। हमें पता था कि हमें नतीजा पाने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी। उस तरह के विकेट पर संयम रखना पड़ता है।
अरुण ने कहा कि हमारे गेंदबाज रिवर्स स्विंग में अच्छे हैं, क्योंकि जब वह घरेलू क्रिकेट खेलते हैं तो विकेट सपाट होती है। आउटफील्ड भी उतनी बेहतरीन नहीं होती। ऐसी परिस्थिति में सफल होने के लिए उन्हें गेंद को रिवर्स स्विंग कराना आना चाहिए और ऐसे घरेलू क्रिकेट हमारे गेंदबाजों की बहुत मदद करता है। उन्होंने कहा कि कप्तान विराट कोहली का तेज गेंदबाजों को दिया गया समर्थन भी अहम भूमिका निभा रहा है।
गेंदबाजी कोच ने कहा कि हर गेंदबाज के साथ अलग-अलग रणनीति आजमाई जाती है। बुमराह और शमी छोटे स्पैल में गेंदबाजी करते हैं, तो इशांत लंबे स्पैल में। हाल ही में शमी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि आप छोटा स्पैल करना चाहते हैं या बड़ा, कप्तान आपको मनमाफिक गेंदबाजी करने की स्वतंत्रता देते हैं। गेंदबाज को पता होता है कि वह कैसे ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं और वे यह बात कप्तान तक पहुंचा देते हैं।