टीम इंडिया ने हाल ही में संपन्न एशिया कप का खिताब जीता। यह टीम इंडिया का सातवां एशिया कप खिताब रहा। हालांकि, इससे पहले उसे इंग्लैंड दौरे पर करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। इंग्लैंड दौरे की किरकिरी टीम इंडिया का पीछा नहीं छोड़ रही और विदेशों में जीत दर्ज करने का दबाव विराट ब्रिगेड पर साफ बनता दिखाई दे रहा है। हालांकि, आंकड़ों पर गौर करें तो कहानी बिलकुल विपरीत है।
टीम इंडिया ने पिछले 15 महीने में अन्य टीमों के मुकाबले सर्वाधिक वन-डे मुकाबले जीते। विदेशों में भी उसका प्रदर्शन बेहतरीन रहा और उसने अन्य टीमों की तुलना में ज्यादा मैच जीते। चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से टीम इंडिया का सफलता प्रतिशत 79.41 प्रतिशत रहा। बता दें कि 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से टीम इंडिया ने अब तक 36 वन-डे खेले, जिसमें से एक रद्द हो गया और एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ एक मैच टाई रहा।
टीम इंडिया ने दो मुकाबलों को छोड़कर 34 में से 27 मैच जीते। सिर्फ 7 मैच में उसे शिकस्त मिली। इस हिसाब से उसने पिछले 15 महीने में कुल खेले गए में से 79.41 फीसदी वन-डे जीते। टीम इंडिया की तुलना में अन्य कोई भी टीम इससे ज्यादा की औसत से वन-डे नहीं जीत सकी है। इस मामले में टीम इंडिया के करीब इंग्लैंड जरूर पहुंची, लेकिन उसकी औसत 'मेन इन ब्ल्यू' से एक फीसद कम रही।
टीम इंडिया ने जहां 34 में से 27 मैच जीते तो वहीं ऑस्ट्रेलिया की टीम 15 मैचों में सिर्फ दो मुकाबले ही जीत सकी। टीम इंडिया के करीब इंग्लैंड रही, जिसने 23 मैचों में 18 जीते। तीसरे नंबर पर न्यूजीलैंड है, जिसने 16 मैचों में 11 मैच जीते। उल्लेखनीय है कि चौथे नंबर पर आयरलैंड की टीम काबिज है, जिसने 16 मैचों में से 10 वन-डे जीते। पांचवें नंबर पर पाकिस्तान है। पाक ने पिछले 15 महीने में 20 वन-डे खेले, जिसमें से 12 मैच जीते।
विदेश में भी वन-डे जीतने के मामले में टीम इंडिया शीर्ष पर काबिज है। भारतीय टीम ने पिछले 15 महीने में विदेश में 23 वन-डे खेले, जिसमें से उसने 19 में जीत दर्ज की जबकि चार में उसे मात सहनी पड़ी।