भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को एशिया कप 2025 का महामुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में जीत के साथ भारतीय टीम अपने विजयी अभियान को जारी रखने उतरेगी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहली बार होगा जब दोनों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेलती नजर आएंगी। इस मुकाबले का सोशल मीडिया पर विरोध भी हो रहा है, लेकिन दोनों देशों के खिलाफ एक-दूसरे का सामना करने के लिए तैयार हैं। मैच की पूर्व संध्या पर टीम इंडिया के फील्डिंग कोच रेयान टेन डेशकाटे ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच को लेकर भारत के रुख पर बात की।
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अर्शदीप सिंह-सितांशु कोटक-गौतम गंभीर-टी दिलीप
- फोटो : BCCI
गंभीर ने दी खेल पर ध्यान देने की सलाह
भारत और पाकिस्तान ने मौजूदा टूर्नामेंट में जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की है। अब दोनों टीमें आमने-सामने होंगी और एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए बेताब होंगी। हालांकि, इस मैच को लेकर प्रशंसकों में कुछ खास उत्साह नजर नहीं आ रहा है। शनिवार को भारतीय टीम के फील्डिंग कोच डेशकाटे ने बताया कि मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भारतीय खिलाड़ियों को खेल पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यह काफी भावनात्मक मुद्दा है और टीम को बीसीसीआई और भारत सरकार के निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है।
डेशकाटे ने क्या कहा?
भारत और पाकिस्तान ने मौजूदा टूर्नामेंट में जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की है। अब दोनों टीमें आमने-सामने होंगी और एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए बेताब होंगी। हालांकि, इस मैच को लेकर प्रशंसकों में कुछ खास उत्साह नजर नहीं आ रहा है। शनिवार को भारतीय टीम के फील्डिंग कोच डेशकाटे ने बताया कि मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भारतीय खिलाड़ियों को खेल पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यह काफी भावनात्मक मुद्दा है और टीम को बीसीसीआई और भारत सरकार के निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है।
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भारत बनाम पाकिस्तान
- फोटो : ANI
उत्साह में दिख रही कमी
अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से सैन्य अभियान चलाया था जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद बढ़ गया था। इसे लेकर ही मैच का बहिष्कार करने की मांग उठी है। मैच के हजारों टिकट अब भी उपलब्ध हैं और शुक्रवार को भारत के अभ्यास सत्र में बहुत कम दर्शक पहुंचे। मैच को लेकर पहले की तरह उत्साह भी गायब है। सोशल मीडिया पर अपील की जा रही है कि भारत इस मैच का बहिष्कार करे जिससे कोई नहीं जानता कि कितने बीसीसीआई अधिकारी रविवार को मैच देखने पहुंचेंगे, वर्ना दोनों देशों के बीच मैच के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहते थे।