इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम का एलान हो गया है। अगले महीने 20 जून से शुरू हो रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति ने 18 सदस्यीय टीम की घोषणा की। शुभमन गिल को नया टेस्ट कप्तान बनाया गया। वहीं, इस टीम में करुण नायर की भी वापसी हुई है। करुण सात साल बाद भारतीय टीम में चुने गए हैं। अगर वह मैदान पर उतरते हैं तो आठ साल बाद भारत के लिए कोई टेस्ट खेलते दिखेंगे। टीम में चुने जाने के बाद करुण की पहली प्रतिक्रिया भी सामने आई है। करुण ने खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें इसका लंबे समय से इंतजार था।
करुण ने दिल्ली के लिए खेली मैच जिताऊ पारी
करुण ने शनिवार को आईपीएल में दिल्ली से खेलते हुए पंजाब के खिलाफ 27 गेंद में 44 रन बनाए। दिल्ली ने जीत के लिए 207 रन का लक्ष्य 19.3 ओवर में हासिल कर लिया। 33 वर्षीय करुण ने 2024-25 सत्र में घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया और इसका इनाम उन्हें भारतीय टीम में चयन के रूप में मिला। उन्होंने भारत के लिए पिछली बार 2017 में खेला था। 2018 में इंग्लैंड सीरीज के लिए वह स्क्वॉड में तो थे, लेकिन एक भी मैच नहीं खेल पाए थे।
'हम इस सत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके'
करुण ने पंजाब के खिलाफ मैच के बाद कहा, 'शानदार लग रहा है और हम इस जीत के हकदार थे। हम इस सत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके, लेकिन इस मैच में हमने दिखा दिया कि हमारी टीम अच्छी थी लेकिन कुछ मैच खराब गए।' अपने प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा, 'मैं काफी रन बनाकर आईपीएल में आया था। आत्मविश्वास की कमी नहीं थी। पारी में बहुत जल्दी बड़े शॉट खेल रहा था जिस पर कोच ने अपना समय लेकर फिर आक्रामक खेलने की सलाह दी।'
करुण को तिहरा शतक के बावजूद बाहर किया गया
करुण को 2017 में टेस्ट में तिहरा शतक जड़ने के बावजूद टीम से बाहर कर दिया गया था। वह भारत के लिए तिहरा शतक लगाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज है। टेस्ट टीम में चयन के बारे में उन्होंने कहा, 'बहुत शुक्रगुजार हूं कि वापसी कर सका। खुशकिस्मत हूं कि यह मौका मिला। मुझे भी आप लोगों की ही तरह पता चला। मैं लंबे समय से इसका इंतजार कर रहा था। बहुत सारे बधाई के संदेश मिले हैं।'
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करुण नायर
- फोटो : BCCIDOMESTIC/X
रणजी में करुण ने चार शतक की मदद से 863 रन बनाए
उनके शानदार प्रदर्शन ने विदर्भ को 2024-25 सत्र में रणजी ट्रॉफी जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रणजी ट्रॉफी में उन्होंने नौ मैचों में चार शतक की मदद से 863 रन बनाए। विजय हजारे ट्रॉफी (लिस्ट ए) में उन्होंने केवल आठ पारियों में 779 रन बनाये। इसमें पांच शतक शामिल थे। इन शानदार प्रदर्शनों ने भारतीय टीम में उनकी वापसी का रास्ता खोला।