रविचंद्रन अश्विन ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024/25 के दौरान तीसरे टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। तब सीरीज 1-1 से बराबर थी। मेलबर्न और सिडनी में आखिरी दो टेस्ट होने थे और भारत को सीरीज जीतने के लिए पसंदीदा माना जा रहा था। हालांकि, ऐसा नहीं हो सका और ऑस्ट्रेलिया ने 3-1 से सीरीज जीत ली।
जोश हेजलवुड के चोटिल होने पर आखिरी दो टेस्ट के लिए टीम में आए स्कॉट बोलैंड ने घातक प्रदर्शन किया और भारतीय बल्लेबाजों के पास उनका कोई जवाब नहीं था। अश्विन ने कहा है कि अगर बोलैंड नहीं खेलते तो भारत सीरीज जीत जाता। बोलैंड ने सीरीज में तीन टेस्ट मैचों में 21 विकेट लिए। वह सीरीजी में तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में समाप्त हुए। उन्होंने खासतौर पर आखिरी टेस्ट में 10 विकेट लिए और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
'हेजलवुड का चोटिल होना ऑस्ट्रेलिया के लिए वरदान साबित हुआ'
अश्विन ने कहा कि जोश हेजलवुड की चोट, जिसने बोलैंड को अंतिम दो टेस्ट के लिए टीम में वापस आने की अनुमति दी, वह ऑस्ट्रेलिया के लिए एक वरदान साबित हुआ। अश्विन ने अपने हिंदी यूट्यूब चैनल 'ऐश की बात' में कहा, 'हर किसी ने कहा कि पैट कमिंस के लिए यह शानदार सीरीज रही, लेकिन वह बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ जूझते रहे। ऑस्ट्रेलिया भाग्यशाली था कि स्कॉट बोलैंड टीम में आए। अगर बोलैंड नहीं खेलते तो भारत सीरीज जीत जाता।'
'अगर हेजलवुड खेलते तो भारत सीरीज जीत जाता'
अश्विन ने कहा, 'जोश हेजलवुड के लिए मेरी राय खराब नहीं है, वह शानदार गेंदबाज हैं, लेकिन अगर ऑस्ट्रेलिया आखिरी दो टेस्ट में उसी लाइन अप के साथ उतरता, जिसके साथ वह गाबा में उतरा था तो हम जीत जाते। हमारे बाएं हाथ के बल्लेबाजों को बोलैंड की राउंड-द-विकेट डिलीवरी न खेल पाना हार के प्रमुख कारणों में से एक थी।'
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बोलैंड और कोहली
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बोलैंड ने भारतीय मध्यक्रम को ध्वस्त किया
टेस्ट क्रिकेट में भारत की बल्लेबाजी लाइनअप यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर के रूप में बाएं हाथ के बल्लेबाजों से भरी हुई है। बोलैंड ने सीरीज में यशस्वी और पंत को परेशान करने के अलावा मध्यक्रम को ध्वस्त किया। विराट कोहली पूरी सीरीज में बोलैंड से परेशान रहे। 35 साल के बोलैंड का करियर खत्म होने के मोड़ पर था। उन्हें ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती स्क्वॉड में रखा भी नहीं गया था, लेकिन हेजलवुड की चोट ने उनके करियर को फिर से पटरी पर ला दिया है। अब तक 13 टेस्ट में बोलैंड ने 17.66 की बेहतरीन औसत से 56 विकेट लिए हैं।