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Dhoni Best Finish: 2006 में पाकिस्तान को पीटने से लेकर 2011 में विश्व कप जिताने तक, आईसीसी ने बताई धोनी की पांच बेहतरीन पारियां
Fri, 22 Apr 2022 02:53 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Fri, 22 Apr 2022 02:53 PM IST
सार
आईपीएल 2022 में मुंबई के खिलाफ धोनी के कमाल करने पर आईसीसी ने उनकी पांच बेहतरीन पारियां बताई हैं, जब धोनी ने अपने दम पर टीम इंडिया को मैच जिताए थे।
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महेंद्र सिंह धोनी की बेहतरीन पारियां
- फोटो : सोशल मीडिया
मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में महेंद्र सिंह धोनी शानदार लय में नजर आए। उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 28 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। इस मैच में चेन्नई को आखिरी चार गेंदों में 16 रन की जरूरत थी और टीम की जीत मुश्किल लग रही थी, लेकिन धोनी ने दो चौके और एक छक्का लगाकर अपनी टीम को जीत दिला दी। उनकी इस पारी ने भारतीय क्रिकेट के पुराने दिनों की याद दिला दी, जब धोनी सातवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते थे और अक्सर भारतीय टीम को मुश्किल हालातों से निकालकर मैच जिताते थे। इस मौके पर आईसीसी ने धोनी की पांच सबसे बेहतरीन पारियां गिनाई हैं, जिनमें उन्होंने मुश्किल हालातों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया को जिताया था।
2005 में तीसरे नंबर पर खेलते हुए किया था कमाल
महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : सोशल मीडिया
साल 2005 में श्रीलंका के खिलाफ भारत को जीत के लिए 299 रन की जरूरत थी। सात मैचों की वनडे सीरीज का यह तीसरा मैच था। नागपुर में सचिन के आउट होने के बाद धोनी पहले ओवर में ही बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर आ गए थे। धोनी ने इस मैच में पहले मुथैया मुरलीधरन की गेंदों को संभालकर खेला फिर चमिंडा वास के खिलाफ कवर के ऊपर दो छक्के लगाए। इसके बाद उन्होंने 85 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इस पारी के दौरान उन्होंने जमकर एक और दो रन भी लिए। अंत में उनके पैर में क्रैंप भी आ रहे थे, लेकिन उन्होंने छक्के के साथ भारत को जीत दिलाई और नाबाद लौटे।
इस पारी में धोनी ने 23 गेंद रहते भारत को जीत दिला दी थी। उनकी पारी 183 रन की नाबाद पारी में 10 छक्के शामिल थे। यह उस समय तक वनडे क्रिकेट में किसी विकेटकीपर बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर था।
इस पारी में धोनी ने 23 गेंद रहते भारत को जीत दिला दी थी। उनकी पारी 183 रन की नाबाद पारी में 10 छक्के शामिल थे। यह उस समय तक वनडे क्रिकेट में किसी विकेटकीपर बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर था।
2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया कमाल
महेंद्र सिंह धोनी और अश्विन ऑस्ट्रेलिया पर जीत के बाद
- फोटो : सोशल मीडिया
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में जब धोनी बल्लेबाजी के लिए आए थे, तब भारत का स्कोर चार विकेट पर 178 रन था। जीत के लिए आखिरी 16 ओवर में 92 रन की जरूरत थी। इस मैच में बड़े शॉट खेलना आसान नहीं था, लेकिन धोनी ने भारत का रन रेट नीचे नहीं जाने दिया। 47वें ओवर में रैना क्लीन बोल्ड हो गए और अब जीत का दारोमदार सिर्फ धोनी पर ही था। भारत को जीत के लिए 39 रन की जरूरत थी। इसके बाद जडेजा भी आउट हो गए और भारत को जीत के लिए 13 रन की जरूरत थी।
48वें ओवर की आखिरी दो गेंदों में धोनी कोई रन नहीं बना पाए थे, लेकिन वो दबाव में नहीं आए। आखिरी ओवर में अश्विन ने धोनी को स्ट्राइक दी और भारत को जीत के लिए आखिरी चार गेंदों में 12 रन चाहिए थे। धोनी ने गेंदबाज के सिर के ऊपर से छक्का लगाया और मैकाय दबाव में आ गए। उन्होंने धोनी की कमर के ऊपर फुल टॉस गेंद फेंक दी, जो कि नो गेंद करार दी गई और धोनी ने तीन रन भागकर भारत को जीत दिला दी।
48वें ओवर की आखिरी दो गेंदों में धोनी कोई रन नहीं बना पाए थे, लेकिन वो दबाव में नहीं आए। आखिरी ओवर में अश्विन ने धोनी को स्ट्राइक दी और भारत को जीत के लिए आखिरी चार गेंदों में 12 रन चाहिए थे। धोनी ने गेंदबाज के सिर के ऊपर से छक्का लगाया और मैकाय दबाव में आ गए। उन्होंने धोनी की कमर के ऊपर फुल टॉस गेंद फेंक दी, जो कि नो गेंद करार दी गई और धोनी ने तीन रन भागकर भारत को जीत दिला दी।
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ईशांत के साथ मिलकर दिलाई जीत
जीत के बाद भारतीय टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
ट्राई सीरीज के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ धोनी ने ईशांत शर्मा के साथ मिलकर भारत को जीत दिलाई थी। इस मैच में टीम इंडिया के सामने 203 रन का लक्ष्य था और एक समय पर भारत तीन विकेट के नुकसान पर 139 रन बना चुका था। इसके बाद रंगना हेराथ ने कमाल किया और 10 ओवर में 20 रन देकर चार विकेट झटके। 182 रन तक पहुंचने में भारत ने नौ विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद धोनी ने ईशांत शर्मा के साथ मिलकर अपनी टीम को जीत दिलाई। इस मैच में ईशांत ने सिर्फ सात गेंदे खेली थी।
आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 15 रन की जरूरत थी। धोनी ने नया बल्ला मंगाया और भारत को जीत दिला दी।
आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 15 रन की जरूरत थी। धोनी ने नया बल्ला मंगाया और भारत को जीत दिला दी।
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2006 में पाकिस्तान को जमकर पीटा
महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : सोशल मीडिया
पाकिस्तान के खिलाफ मैच में टीम इंडिया को जीत के लिए 292 रन की जरूरत थी। इसके जवाब में भारत ने जल्द ही दो विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद 34वें और 35वें ओवर में भी भारत के दो विकेट गिरे और आधी टीम इंडिया पवेलियन लौट चुकी थी, जबकी जीत के लिए अभी भारत को 100 के करीब रन चाहिए थे। हालांकि, धोनी और युवराज क्रीज पर थे और टीम की जीत की उम्मीदें बरकरार थीं। दोनों ने मिलकर 102 रन की साझेदारी की और भारत को विजयी बनाया। इसमें से दो तिहाई रन धोनी के बल्ले से निकले थे। उन्होंने 46 गेंद में नाबाद 72 रन बनाए और अपनी टीम को जीत दिलाई।