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बिशन सिंह बेदीः वो स्पिनर जिसने कपड़े धोकर अपनी अंगुलियां मजबूत बनाई और विकेट की झड़ी लगा दी
भारतीय टीम का वह स्पिन गेंदबाज जो अपनी एक ही गेंदबाजी एकश्न से चार तरह की गेंदें फेंक लिया करता था। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर कहे जाने वाले शेन वार्न भी उस गेंदबाज को आज भी अपना आदर्श मानते हैं। 1970 के दशक में टीम इंडिया की स्पिन की जान कहलाने वाले जादुई स्पिन गेंदबाज का नाम बिशन सिंह बेदी है। वह आज 73 साल के हो गए।
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बिशन सिंह बेदी
- फोटो : getty
बेदी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज 1966 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किया था। वह करीब 12 साल तक भारत के लिए खेले। इस दौरान उन्होंने अपनी गेंदबाजी ही नहीं बतौर कप्तान भी खूब नाम कमाया। 67 टेस्ट मैच उनके नाम 266 विकेट दर्ज हैं। उन्होंने 22 टेस्ट मैच में भारतीय टीम की कमान भी संभाली। बिशन सिंह बेदी ने 1560 विकेट के साथ अपना प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर को समाप्त किया था। जो एक रिकॉर्ड है।
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बिशन सिंह बेदी
- फोटो : सोशल मीडिया
द टेलीग्राफ में लिखे अपने आर्टिकल में रामचंद्रा गुहा ने बताया था कि, बेदी ने पहली बार टेस्ट मैच तभी देखा, जब उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू किया। इससे पहले उन्होंने टेस्ट मैच कभी नहीं देखा था। बिशन सिंह बेदी के कई किस्से मशहूर हैं। बात साल 1989-90 की है। उस समय बेदी न्यूजीलैंड दौरे पर बतौर टीम इंडिया के मैनेजर बनकर गए। जहां रॉथमैंस कप में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया से हार झेलनी पड़ी। इस हार के बाद बेदी टीम इंडिया पर बेहद ही गुस्सा थे। उस वक्त उन्होंने कहा था कि पूरी टीम इंडिया को प्रशांत महासागर में डुबो देना चाहिए। 1990 में भारतीय टीम वापस भारत लौट रही थी। उन्होंने उस वक्त पूरी टीम इंडिया को समंदर में फेंकने की धमकी दी थी।
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bishan singh bedi
बेदी ने एक बार किसी इंटरव्यू में कहा था कि, उनकी गेंदबाजी की ताकत उनकी अंगुलियां थीं। यही वजह है कि वह अपनी अंगुलियों को मजबूत बनाने और कलाई को लचीला बनाने के लिए अपने कपड़े खुद धोया करते थे। इससे उनकी अंगुलियों को ताकत मिलती और गेंद को अंगुलियों में फंसाकर घुमाना आसान होता जाता था।
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बिशन सिंह बेदी
- फोटो : सोशल मीडिया
साल 1978 में पाकिस्तान के साहिवाल में बेदी के गुस्से की वजह से टीम इंडिया को हार झेलनी पड़ी थी। दरअसल मैच में भारत को जीत के लिए 18 गेंदों में 23 रन बनाने थे और उसके आठ विकेट बचे हुए थे। इस मैच में पाकिस्तान के तेज गेंदबाज सरफराज नवाज ने लागातर चार बाउंसर फेंकी और किसी भी गेंद को अंपायर ने वाइड नहीं दिया। यह देख बेदी भड़क गए और उन्होंने अपने बल्लेबाजों को मैदान से वापस बुला लिया। बेदी के इस फैसले के बाद पाकिस्तान यह मैच जीत गया। इसे लेकर बेदी की काफी आलोचना भी तब हुई थी।
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