आईपीएल सीजन-11 में शीर्ष चारों टीमें प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं। सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपरकिंग्स के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच अब प्लेऑफ में घमासान देखने को मिलेगा।
वहीं प्वॉइंट्स टेबल में निचले चार पायदान पर मौजूद टीमों की चुनौती का सफर यहीं समाप्त हो गया है। इसमें डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस के अलावा आरसीबी, किंग्स इलेवन पंजाब और दिल्ली डेयरडेविल्स का नाम सबसे नीचे है। दिल्ली डेयरडेविल्स ने तो इस सीजन में अपने फैंस को सबसे ज्यादा निराश किया है। आइए जानते हैं दिल्ली डेयरडेविल्स के प्लेऑफ में क्वालीफाई न कर पाने की चार सबसे अहम वजह...
कप्तान को लेकर घमासान
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shreyas iyyer and gautam gambhir
दिल्ली डेयरडेविल्स की फ्रैंचाइजी ने इस सीजन में अपनी टीम का कप्तान अनुभवी क्रिकेटर गौतम गंभीर को बनाया था, लेकिन टीम के लगातार हारने के बाद गंभीर पर दबाव बढ़ने लगा और उन्होंने कप्तान के पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद युवा खिलाड़ी श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपी गई, लेकिन अय्यर भी दिल्ली को प्लेऑफ का टिकट नहीं दिला सके।
फ्लॉप रहे विदेशी खिलाड़ी
दिल्ली ने जिन विदेशी खिलाड़ियों को अपने गुट में शामिल किया था, उनका प्रदर्शन इस सीजन में कुछ खास नहीं रहा। मैक्सवेल, मॉरिस और प्लांकेट जैसे खिलाड़ियों ने वैसा प्रदर्शन नहीं किया जिसके लिए वे जाने जाते हैं। जेसन रॉय ने भी शुरू में थोड़ा बहुत दम दिखाया, लेकिन बाद में वो भी सुस्त पड़ गए।
आत्मविश्वास की कमी
आईपीएल के लगभग सभी सीजन में दिल्ली डेयरडेविल्स का शर्मनाक प्रदर्शन किसी से छिपा नहीं है। प्वॉइंट्स टेबल में इस टीम का निचले पायदान पर रहना अब फैंस के लिए सामान्य बात हो चुकी है। शायद इसी वजह से दिल्ली की टीम अपने पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर नहीं उतर सकी।
सुस्त मिडल ऑर्डर
दिल्ली डेयरडेविल्स का खराब मिडल ऑर्डर उसके शर्मनाक प्रदर्शन की बड़ी वजह है। मिडल ऑर्डर में पंत और अय्यर के अलावा दूसरा कोई भी खिलाड़ी मैच का परिणाम बदलने में नाकामयाब रहा। अभिषेक शर्मा ने सिर्फ एक मैच में लोवर मिडल ऑर्डर में अच्छी बल्लेबाजी की थी।