क्रिकेट के मैदान पर लगाया गया अपना पहला शतक एक बल्लेबाज भला कैसे भूल सकता है। सोचिए अगर यह शतक विश्व कप में एक ऐसे बल्लेबाज ने बनाया हो जिसके देश से आज तक इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी ने शतक ही न लगाया हो। जी हां...ये कहानी जिम्बाब्वे के एक ऐसे ही बल्लेबाज की है जिसने साल 1987 के विश्व कप में यह कारनामा किया था।
जिम्बाब्वे के इस बल्लेबाज का नाम था डेव हॉटन। साल 1983 में पहली बार विश्व कप खेलने वाली जिम्बाब्वे की टीम ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत से अपना दूसरा मुकाबला हारने के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। लेकिन विश्व कप के अगले ही संस्करण में इस टीम सबको चौंकाकर रख दिया।
साल 1987 के विश्व कप में जिम्बाब्वे को अपने पहले ही मुकाबले में न्यूजीलैंड के हाथों 3 रन से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन टीम हारकर भी अपनी मजबूती की ऐसी मिसाल पेश कर गई, जिसे फैंस आज तक नहीं भूल सके। न्यूजीलैंड ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 242 रन बनाए।
इसके जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 49.4 ओवर में 239 रन बनाकर सिमट गई और टीम को 3 रन से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि मैच में टीम के खिलाड़ियों ने ऐसी जांबाजी दिखाई कि कीवी टीम की जीत से ज्यादा चर्चे जिम्बाब्वे की हार के होने लगी।
न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए इस यादगार मुकाबले के असली हीरो थे जिम्बाब्वे के धाकड़ बल्लेबाज डेव हॉटन। डेव हॉटन ने इस मैच में 137 गेंदों पर 13 चौकों और 6 छक्कों की मदद से 142 रन की तेज तर्रार शतकीय पारी खेली थी। स्टेडियम में इस खिलाड़ी के मनोरंजन से खुश एक दर्शक ने तो सरेआम उन्हें पवेलियन लौटते वक्त किस ही कर दिया था।