ना उम्र की सीमा हो, ना जन्म का हो बंधन, जब प्यार करे कोई तो देखे केवल मन... वैसे तो ये मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह के लिखे गीत का एक अंश है लेकिन यह क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर पर बिल्कुल फिट बैठता है। वैलेंटाइन डे के इस प्रेम और इजहार वाले महीने में हम बात करें सचिन तेंदुलकर और उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर की प्रेम कहानी के बारे में।
सचिन तेंदुलकर 90 के दशक की शुरुआत में क्रिकेट जगत में तेजी से अपनी पहचान बना रहे थे और टीम इंडिया की नई 'रन मशीन' भी बन चुके थे। मीडिया में उन्हें मास्टर-ब्लास्टर कहा जाने लगा था। घुंघराले बालों वाला यह युवा सितारा हर किसी के दिल में अपनी जगह बना चुका था, खासकर युवा महिला प्रशंसकों के बीच।
रन बनाने की धुन पर सवार क्रिकेट के इस अनमोल सितारे के पास लड़कियों के साथ रोमांस करने की मानो फुर्सत ही नहीं थी। लेकिन एक लड़की ने सचिन को ऐसा दीवाना बनाया कि वे यहां क्लीन बोल्ड हो गए। उन्होंने 24 मई 1995 को महज 22 साल की उम्र में अपने से 6 साल बड़ी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अंजलि से शादी कर ली। अचानक हुई इस शादी ने हजारों हसीन दिलों को एक ही झटके में तोड़ दिया।
लेकिन मैदान पर बल्ले से बात करने वाले सचिन और अंजलि की प्रेम कहानी भी बेहद दिलचस्प है। दोनों की पहली मुलाकात शादी से करीब 5 साल पहले हुई थी। 1990 में मुंबई एयरपोर्ट पर जब सचिन इंग्लैंड का दौरा करके स्वदेश लौट रहे थे तो अंजलि भी वहीं पर थीं और वहीं उनकी मुलाकात हो गई।
जब पहली बार अंजलि ने सचिन को एयरपोर्ट पर देखा तो वो उन्हें बेहद क्यूट लगे। जिसके बाद अंजलि ऑटोग्राफ के लिए मास्टर-ब्लास्टर के पीछे तक भागी। सचिन से मिलने के लिए अंजलि ने कई पापड़ बेले। यहां तक कि झूठी पत्रकार बनकर सचिन के घर तक पहुंच गईं।