IPL 2018 खत्म होते ही दुनिया के एक 'धाकड़' गेंदबाज ने अपनी जिंदगी का वो राज खोला, जिसे सुनकर सभी की आंखें नम हो गईं। हम बात कर रहे हैं, क्रिकेट की दुनिया में 'रफ्तार के सौदागर' कहे जाने वाले बॉलर ब्रेट ली की। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर और गलोबल हियरिंग अंबेस्डर ब्रेट ली अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास यूनिर्वसटी आफ हैल्थ में पहुंचे।
यहां उन्होंने अपने संबोधन में अपनी जिंदगी से जुड़ी एक दर्दनाक घटना का उल्लेख किया। वह यहां न्यूबोर्न हियरिंग स्क्रीनिंग यूएनएचएस कार्यक्रम के संदर्भ में जागरूकता सेमिनार में शामिल होने आए थे। पीली रंग की दस्तार सजाकर पहुंचे ब्रेटली का यहां जबरदस्त स्वागत किया गया। ब्रेट ली ने बताया कि जिंदगी में एक बार उनके सामने ऐसा वक्त भी आया, जब वे बेबस हो गए थे।
ब्रेट ली ने बताया कि इसकी वजह था, उसका बेटा प्रेस्टन। प्रेस्टन जब पांच वर्ष का था तो ऊंचाई से गिरने की वजह से उसके सिर पर गंभीर चोट लग गई थी। इस हादसे में उसके एक कान की हड्डी क्षतिग्रस्त हुई। सिर की चोटों का तो उपचार हो गया, लेकिन उसके सुनने की क्षमता चली गई। बात करने पर भी वह कोई प्रतिक्रिया नहीं देता। ब्रेटली ने कहा यह उनकी जिंदगी का बहुत ही दर्दनाक वक्त था।
ब्रेट ली ने बताया कि प्रेस्टन की सुनने की शक्ति आठ माह बाद अचानक अपने आप लौट आई। तब मैंने सोचा कि सुनने की क्षमता कितनी जरूरी है और इसके न होने से दुनिया में न जाने कितने लोग दर्द झेल रहे होंगे। मुझे लगा कि ऐसा दर्द झेलने वालों के लिए कुछ किया जाना चाहिए। इस दिशा में काम करते हुए ही उन्होंने अवेयरनेस प्रोगाम की शुरुआत की।
ब्रेटली ने बताया कि कि दुनिया भर में 46.60 करोड़ लोग हैं जो सुन नहीं सकते। इनमें 3.40 करोड़ बच्चे शामिल हैं। यदि छोटी उम्र में बच्चा रिस्पांस नहीं देता तो उसकी जांच करवाना जरूरी है। ब्रांड अंबेसडर के रूप में यह मेरी भी जिम्मेवारी है कि ऐसे लोगों व बच्चों के लिए काम करूं। नवजात शिशुओ की हियरिंग लॉस स्क्रीनिंग मां-बाप को जरूर करानी चाहिए।