भारतीय टीम को 2007 टी-20 और 2011 विश्व कप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले गौतम गंभीर ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया। इस खिलाड़ी ने मंगलवार देर शाम अचानक ही संन्यास की घोषणा कर फैंस को सकते में डाल दिया।
पिछले दो साल से गंभीर भारतीय टीम से बाहर जरूर थे। मगर किसी न किसी वजहों से वह खबरों में बने रहते। अगस्त 2018 में उनसे जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आती है जिसने अफवाहों के बाजार को और गर्म कर दिया। दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स में खबर आई थी कि वे भाजपा की ओर से दिल्ली से चुनाव लड़ सकते हैं।
खबरों में दावा किया गया था कि, भाजपा नई दिल्ली लोकसभा सीट से मीनाक्षी लेखी की जगह गौतम गंभीर को टिकट दे सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी को यह पता चला है कि लेखी के कार्यों से इस संसदीय क्षेत्र के लोग खुश नहीं है।
एक संपन्न बिजनेस क्लास परिवार से संबंध रखने वाले गौतम गंभीर की भाजपा के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली से नजदीकियां जगजाहिर है। 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने जेटली के संसदीय क्षेत्र अमृतसर जाकर बीजेपी का जमकर प्रचार किया था।
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पत्नी और बेटी के साथ गोल्डन टेंपल पहुंचे गौतम गंभीर
गौतम गंभीर न केवल क्रिकेट बल्कि अपनी समाज सेवा को लेकर भी काफी चर्चाओं में रहते थे। भारत की ओर से 58 टेस्ट, 147 वन-डे, 37 टी-20 मैच खेलने वाले इस खिलाड़ी के संन्यास लेने के बाद अब इस बात की भी पुष्टि हो जाएगी कि उनका राजनीति में प्रवेश महज अफवाह भर था या इसमें सच्चाई भी थी।