भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने क्रिकेट की बहाली के लिए तैयारी कर रहा है। बोर्ड ने राज्य संघों के लिए रविवार को कोरोना वायरस के कारण लागू की जाने वाली मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की। ये एसओपी राज्य क्रिकेट संघों को क्रिकेट गतिविधियों को फिर से शुरू करने में मदद करेगा, लेकिन ट्रेनिंग शुरू करने से पहले खिलाड़ियों को सहमति फॉर्म पर हस्ताक्षर करना होगा।
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रणजी ट्रॉफी
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100 पन्नों की एसओपी में बीसीसीआई ने ट्रेनिंग के लिए लौटते समय सिद्धांतों को जारी किया है, महामारी को देखते हुए अभ्यास सुविधाओं की तैयारी, व्यायामशाला प्रोटोकॉल, फिजियोथेरेपी और चिकित्सा प्रोटोकॉल के साथ-साथ प्रोटोकॉल पर नजर रखने के साथ प्रशिक्षण को लेकर भी एसओपी जारी किया है। इसमें सहमति फॉर्म भी है, जहां खिलाड़ियों को पता होना चाहिए कि फिर से प्रशिक्षण शुरू करने से जुड़ा जोखिम है और खिलाड़ी को जगह-जगह प्रोटोकॉल और एसोसिएशन की ओर से बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया है।
खिलाड़ी को यह भी मानना होगा कि एसोसिएशन आवश्यक सावधानी बरतने के बावजूद जोखिम के पूर्ण उन्मूलन की गारंटी नहीं दे सकता है और प्रशिक्षण को फिर से शुरू करने की इच्छा खिलाड़ियों पर निर्भर है। कोरोना वायरस महामारी के संबंध में स्थिति पर पूरी तरह से नजर रखने के साथ, बीसीसीआई ने क्रिकेट को फिर से शुरू करने के संबंध में राज्य संघों के साथ अपने विचार साझा किए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
बीसीसीआई की ओर से जारी एसओपी के अनुसार, 'भारत में क्रिकेट खेल के लिए बीसीसीआई यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है कि खिलाड़ियों, स्टाफ और सभी हितधारकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा के लिए उपयुक्त प्रोटोकॉल रखे जाएं। कोविड-19, एक संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, व्यक्तियों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करता है, जो 1.75 करोड़ से अधिक संक्रमणों और एक अगस्त 2020 तक छह लाख से अधिक मौतों के साथ दुनिया भर के लगभग सभी देशों में इसके प्रसार है।'
एसओपी के अनुसार, 'ऐसा कहा जाता है कि भारत में क्रिकेट एक धर्म है और इस बात का उत्साह है कि देश में क्रिकेट की कमान किसी भी अन्य खेल या आयोजन से कहीं अधिक है। इसके अलावा, यह पुरुषों और महिलाओं दोनों श्रेणी में, 38 राज्य टीमों में खिलाड़ियों और कर्मचारियों को जबरदस्त राजस्व उत्पन्न करने में मदद करता है।' एसओपी के अनुसार, 'हालांकि, बीसीसीआई एसएआरएस कोव-2 की उच्च संक्रामक दर के बारे में चिंतित है और सभी खिलाड़ियों, कर्मचारियों और हितधारकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के हित में है। बीसीसीआई निवारक उपायों पर समझौता नहीं करना चाहेगा।'