क्रिकेट प्रशंसक आईपीएल-2019 के शुरुआती मुकाबले में इससे बेहतर भिड़ंत की उम्मीद नहीं कर सकते थे। दोनों टीमों में धोनी और कोहली के रूप में दो सुपरस्टार हैं। ऐसे में किसी को यह भी नहीं भूलना चाहिए कि चेन्नई सुपरकिंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर दो मजबूत टीमें हैं। इससे एक रोमांचक मुकाबले की गारंटी तो मिल ही जाती है। पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए कहा जा सकता है कि घरेलू टीम लाभ की स्थिति में होगी, लेकिन इस प्रारूप में कुछ भी कहना जल्दबाजी ही होती है। एक अच्छा प्रदर्शन मैच का रुख पूरी तरह मोड़ सकता है।
टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर क्रिस श्रीकांत ने कहा, 'चेन्नई में तीन अच्छे स्पिनर हैं और मुझे उम्मीद है कि चेपक की पिच धीमे गेंदबाजों की मददगार होगी। यही वह क्षेत्र है जहां गत चैंपियन चेन्नई की टीम बेहद खतरनाक हो जाती है। उनके पास स्पिन को अच्छी तरह खेलने वाले बल्लेबाज हैं जो मैच के हालात के हिसाब से खेलना जानते हैं। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम निश्चित रूप से लाभ की स्थिति में रहेगी।'
आखिरकार मुख्य मुद्दा यही रहेगा कि ऑलराउंडर दोनों टीमों के लिए कैसा प्रदर्शन करते हैं। हालात को भांपना भी अहम रहेगा। यहां तक कि घरेलू कप्तान को भी पिच को समझने के लिए एक-दो मैच लगेंगे। लीग का यह सीजन खुला है। सभी आठ टीमों के पास मजबूत लाइनअप है। ऐसे में शीर्ष चार चुनना टीमों के लिए मशक्कत वाला काम होगा। निश्चित रूप से टूर्नामेंट आगे बढ़ने के साथ टीमों का लय हासिल करना अहम होगा।
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शेन वॉटसन
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चेन्नई के पास जहां ड्वेन ब्रावो, केदार जाधव और शेन वॉटसन जैसे धाकड़ ऑलराउंडर हैं। वही बैंगलोर के पास भी कॉलिन डी ग्रैंड होम, मोइन अली और मार्कस स्टोइनिस के रूप में शानदार विकल्प मौजूद हैं।
बावजूद इसके चेन्नई, मुंबई और कोलकाता जैसी टीमें अंतिम पड़ाव तक जाने की दावेदार हैं। कारण इन टीमों को दबाव का सामना करना बखूबी आता है। ऐसे में जबकि विश्व कप नजदीक है, यह देखना भी दिलचस्प होगा कि भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन कैसा रहता है। मैं जानता हूं कि इस बात को लेकर बहस जारी है कि क्या आईपीएल के प्रदर्शन को विश्व कप चयन के लिए मानदंड मानना चाहिए या नहीं।