भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों से जुड़े विवाद पहले भी होते रहे हैं लेकिन हार्दिक पंड्या और केएल राहुल का मामला पिछले 82 वर्षों में केवल दूसरी घटना है जब भारतीय क्रिकेटरों को दौरे के बीच स्वदेश भेजा जाएगा।
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lala amarnath
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वर्षों पहले 1936 में महान लाला अमरनाथ को तत्कालीन कप्तान विजयनगरम के महाराज यानि विज्जी ने एक प्रथम श्रेणी मैच के दौरान कथित अपमान के कारण भारत के इंग्लैंड दौरे के बीच से स्वदेश भेज दिया था।
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lala amarnath
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विदेशी दौरों में कई बार अनुशासनात्मक मसले उठे लेकिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहला अवसर है जबकि बोर्ड ने कार्रवाई की और दोषी खिलाड़ियों को स्वदेश लौटने के लिये कहा। लाला अमरनाथ की विज्जी के साथ बहस मुख्य रूप से टीम की राजनीति से जुड़ी थी और आम राय रही है कि ब्रिटिश भारत के तहत एक रियासत के शासक को अपनी योग्यता नहीं बल्कि पद के कारण कप्तानी मिली थी।
ईएसपीएनक्रिकइन्फो में जुलाई 2007 में प्रकाशित एक आलेख के अनुसार अमरनाथ राजनीति का शिकार हुए थे। पंड्या और राहुल का मामला एकदम से भिन्न है और उन्हें महिलाओं के लिए आपत्तिजनक टिप्पणियां करने की कीमत चुकानी पड़ रही है।
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former cricketer Navjot Singh Sidhu
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भारतीय खिलाड़ी के दौरे के बीच से स्वदेश लौटने की एक और घटना 1996 में घटी थी जब नवजोत सिंह सिद्धू कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन से तीखी बहस के बाद दौरे से हट गए थे। वह किसी को सूचित किए बिना चुपचाप निकल गए थे जिससे कमरे में उनके साथी को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल गया। यह साथी कोई और नहीं बल्कि सौरभ गांगुली थे जिन्होंने लॉर्ड्स में पदार्पण मैच में ही शतक जड़ा था। इनपुट-भाषा