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Cannes 2022: स्वीडन ने जीता सबसे बड़ा पुरस्कार, सिर्फ तीन मिनट में इस साल के फेस्टिवल का पूरा लेखा जोखा

Mon, 30 May 2022 09:48 AM IST
Ajeet Rai अजीत राय
Updated Mon, 30 May 2022 09:48 AM IST
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Cannes 2022: Triangle of Sadness wins top prize in Cannes FIlm Festival for Ruben Ostlund
indian cinema projector - फोटो : Adobe Stock

75वें कान फिल्म समारोह में स्वीडन के रूबेन ओसलुंड को उनकी फिल्म ‘ट्रांएगल आफ सैडनेस’ के लिए बेस्ट फिल्म का पाम डि ओर पुरस्कार प्रदान किया गया। रूबेन ओसलुंड को इससे पहले 70 वें कान फिल्म समारोह (2017) में भी 'द स्क्वेयर’ फिल्म के लिए बेस्ट फिल्म का पाम डि ओर पुरस्कार मिल चुका है। नेपाल के अविनाश विक्रम शाह को उनकी फिल्म 'लोरी' के लिए शार्ट फिल्म खंड में स्पेशल मेंशन का पुरस्कार मिला है जबकि भारत के शौनक सेन की डाक्यूमेंट्री 'आल दैट ब्रीद' को  का गोल्डन आई पुरस्कार मिला है। कान फिल्म समारोह के इतिहास में पहली बार कोई पाकिस्तानी फिल्म आफिशियल सेलेक्शन में शामिल हुई, सैम सादिक की फिल्म 'ज्वाय लैंड'। इस फिल्म को अन सर्टेन रिगार्ड में जूरी प्राइज से नवाजा गया।

Cannes 2022: Triangle of Sadness wins top prize in Cannes FIlm Festival for Ruben Ostlund
कान फिल्म फेस्टिवल 2022 - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

इस साल के कान फिल्म समारोह का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण पुरस्कार 'ग्रैंड प्रिक्स' बेल्जियम के लुकास धोंट की फिल्म 'क्लोज' और फ्रांस के क्लेयर डेनिस की फिल्म ‘स्टार्स ऐट नून' को संयुक्त रूप से मिला है। बेस्ट निर्देशक का पुरस्कार दक्षिण कोरिया के पार्क चान वुक को उनकी थ्रिलर फिल्म 'डिसीजन टू लीव' के लिए प्रदान किया गया। बेस्ट पटकथा का पुरस्कार इजिप्ट मूल के स्वीडिश फिल्मकार तारिक सालेह को फिल्म 'ब्वाय फ्राम हेवन' के लिए मिला है। जूरी प्राइज बेल्जियम के फेलिक्स वान गोएनिंजेन और शरलोट वांडेरमियर को उनकी फिल्म ' दि एट माउंटेन' तथा पोलैंड के जेर्जी स्कोलिमोवस्की की फिल्म 'ईओ' को प्रदान किया गया है।

Cannes 2022: Triangle of Sadness wins top prize in Cannes FIlm Festival for Ruben Ostlund
कान फिल्म फेस्टिवल 2022 - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

कान फिल्म समारोह की 75 वीं जयंती पर 'प्रिक्स 75 का विशेष पुरस्कार बेल्जियम के ज्यां पियरे डारडेन और लुक डारडेन बंधुओं को उनकी फिल्म 'टोरी एंड लोकिता' के लिए मिला है। ईरानी मूल के डेनिश फिल्मकार अली अब्बासी की फिल्म 'होली स्पाइडर' में यादगार भूमिका के लिए जार अमीर इब्राहिमी को बेस्ट अभिनेत्री और जापानी फिल्मकार कोरे ईडा हिरोकाजू की दक्षिण कोरियाई फिल्म 'ब्रोकर' में उत्कृष्ट अभिनय के लिए सोंग कांग हो को बेस्ट अभिनेता के पुरस्कार से नवाजा गया है।

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Cannes 2022: Triangle of Sadness wins top prize in Cannes FIlm Festival for Ruben Ostlund
कान फिल्म फेस्टिवल 2022 - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

75 वें कान फिल्म फेस्टिवल के समापन समारोह में फ्रेंच अभिनेता विंसेंट लिंडो (अध्यक्ष), ईरानी निर्देशक असगर फरहादी , भारतीय अभिनेत्री दीपिका पादुकोण आदि की जूरी ने इन पुरस्कारों की घोषणा की। दुनिया भर की छोटी बड़ी 147 फिल्मों के प्रदर्शन के साथ 75 वां कान फिल्म समारोह सम्पन्न  हो गया। कोरोनावायरस के संकट के बाद यह सबसे बड़ा ऐसा फिल्म समारोह था जिसमें स्वास्थ्य संबंधी कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया। भारत में आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है। आजादी की 75वीं जयंती को देखते हुए सबसे ज्यादा भारतीय इस बार कान फिल्म समारोह में आए। इस बार कान क्लासिक में भारतीय राष्ट्रीय फिल्म आर्काइव, पुणे द्वारा संरक्षित सत्यजीत राय की बांग्ला फिल्म 'प्रतिद्वंद्वी' (1970) और शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर द्वारा संरक्षित जी अरविंदम की मलयालम फिल्म 'थम्प, द सर्कस टेंट’ (1978) दिखाई गई। स्पेशल स्क्रीनिंग में दिल्ली के शौनक सेन की फीचर डाक्यूमेंट्री 'आल दैट ब्रीद' और प्रथम खुराना की शार्ट फिल्म 'नौहा'  को काफी पसंद किया गया। कान फिल्म बाजार में इस बार भले ही भारत को 'ऑनर आफ द कंट्री' का दर्जा दिया गया हो या दीपिका पादुकोण को मुख्य जूरी में लिया गया हो, पूरे समारोह में भारत की उपस्थिति मुख्य समारोह में नगण्य थी। भारत की उपस्थिति इंटरनेशनल विलेज के इंडियन पैविलियन तक सीमित थी जहां हर समय भारी भीड़ लगी रही।

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Cannes 2022: Triangle of Sadness wins top prize in Cannes FIlm Festival for Ruben Ostlund
कान फिल्म फेस्टिवल 2022 - फोटो : सोशल मीडिया

कान फिल्म समारोह पर रूस यूक्रेन युद्ध की छाया जरूर रही पर इसका कोई खास असर नहीं देखा गया सिवाय उद्घाटन समारोह में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदोमिर जेलेंस्की के वीडियो भाषण, यूक्रेनी फिल्मकार सर्जेई लोजनित्स (द नेचुरल हिस्ट्री ऑफ डिस्ट्रैक्शन) और रूसी सेना द्वारा अप्रैल में मारे गए लिथुआनियाई फिल्मकार मोंटास क्वेदाराविशियस (मारियोपोल -2) की फिल्मों के प्रदर्शन के। जापानी की नाओमी कवासे की टोकियो ओलंपिक पर बनाई गई आफिशियल फिल्म 'टोकियो 2020- साइड ए' को काफी पसंद किया गया। यह फिल्म एथलीटों के नजरिए से विश्व के सबसे बड़े खेल कुंभ की राजनीति को देखने की कोशिश है। सवाल है कि जो खिलाड़ी अपने देशों से दर बदर है और शरणार्थी हैं वे किस देश की ओर से ओलंपिक खेलों में भाग लेंगे। क्या शरणार्थियों को एक अलग देश के खिलाड़ी तौर मान्यता मिलेगी?

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