जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है वैसे -वैसे ही इंसान की स्मरण शक्ति और लेखन कला पीछे छूटने लगती है। लेकिन हम आपको आज एक ऐसे सख्श के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी 82 की उम्र में भी ऐसी लेखनी है कि अच्छे -अच्छे पीछे छूट जाएं।
82 की उम्र, लेकिन हैण्ड राइटिंग ऐसी की अच्छे-अच्छे पीछे छूट जाएं
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 09 May 2017 05:46 PM IST
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