भारत की नियाग्रा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के तट पर मंगलवार को तीन दिवसीय चित्रकोट महोत्सव का रंगारंग शुभारंभ हो गया है। पहले दिन ही तट किनारे बने मंच पर आदिवासी संस्कृति के विभिन्न रंग उतर गए। हंसी-ठहाकों के साथ गीत-संगीत की धुन ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नारायणपुर के मांदरी नर्तक दल, जोड़ा तराई गीदम के पुनेम सुंदरी नर्तक दल, बस्तानार के गौर सिंग नर्तक, दरभा के लेजा परब नर्तक, लेकर के गेड़ी नर्तक, आंजर के ढोल नर्तक, नैननार के गौर सिंग नर्तक, कोमेडियन रविंद्र जानी ने मन मोह लिया।
चित्रकोट महोत्सव का शुभारंभ: भारत के 'नियाग्रा' तट पर उतरी आदिवासी संस्कृति, गौर सिंग, पुनेम सुंदरी ने मोहा मन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Tue, 14 Feb 2023 09:16 PM IST
सार
चित्रकोट महोत्सव में बस्तर अंचल की विभिन्न जनजातीय समूहों के पारंपरिक लोकनृत्यों से लेकर शास्त्रीय नृत्य व संगीत के कलाकारों के साथ ही प्रसिद्ध हस्तियों की कलाएं देखने को भी मिलेंगी। साथ ही कबड्डी, वालीबाल, पिट्टूल, रस्साकस्सी, कुर्सीदौड और नौकायन आदि प्रतियोगिताएं प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन