छत्तीसगढ़ करणी सेना और महादेव घाट जनसेवा समिति की ओर से सावन की पूर्व संध्या पर रायपुर के महादेवघाट में खारून गंगा मैया की महाआरती की गई। बनारस की गंगा मैया की तर्ज पर हर महीने की पूर्णिमा की संध्या को होने वाली इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
2 of 5
सावन की पूर्व संध्या पर शाम 5 बजे महादेवघाट भोले और खारून मैया की भक्ति में डूबा रहा। रायपुर के भज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सावन की पूर्व संध्या पर शाम 5 बजे महादेवघाट भोले और खारून मैया की भक्ति में डूबा रहा। रायपुर के भजन सम्राट लल्लू महाराज ने अपने भजन से श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।
3 of 5
वासुदेव महाराज एवं अनेकों प्रशिक्षित ब्राह्मणों ने सम्पूर्ण विधि विधान से पूजा की।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करणी सेना के प्रदेशाचार्य वासुदेव महाराज एवं अनेकों प्रशिक्षित ब्राह्मणों ने सम्पूर्ण विधि विधान से मंत्रोच्चार के साथ पूजा की। इस अवसर पर बनारस से पधारे गंगा आरती के प्रसिद्ध पुजारी राघव महाराज विशेष तौर पर उपस्थिति रहे।
4 of 5
आसाढ़ी पूर्णिमा को आयोजित ये महाआरती निरन्तर क्रम में 8वीं बार संपन्न हुई ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
समिति ने श्रद्धालुओं को दीप वितरित कर आरती की भव्यता को चार चांद लगा दिया। आसाढ़ी पूर्णिमा को आयोजित ये महाआरती निरन्तर क्रम में 8वीं बार संपन्न हुई । दिसंबर 2022 से प्रत्येक महीने की पूर्णिमा को ये महाआरती करनी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर के नेतृत्व में आयोजित की जा रही है। आरती के बाद प्रसाद बांटी जाती है।
5 of 5
नदियों एवं प्रकृति में ईश्वरीय भाव के साथ संरक्षण की भावना जागृत हो रही है।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस मौके पर तोमर ने कहा कि महाआरती जनकल्याणकारी, भक्तों का भाग्योदय करने वाली और विशेष पुण्य प्रदायिनी है। खारुन गंगा आरती अपने संकल्प और अपनी भव्यता के साथ न केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देशभर के लिए एक आदर्श के रूप में स्थापित हो रही है। इससे अपने आस -पास की नदियों एवं प्रकृति में ईश्वरीय भाव के साथ संरक्षण की भावना जागृत हो रही है।